राहुल गांधी का निकोबार दौरा: ₹92,000 करोड़ के प्रोजेक्ट को बताया 'महा-घोटाला', पर्यावरण और आदिवासियों पर जताई चिंता
अंडमान-निकोबार दौरे पर राहुल गांधी ने ₹92,000 करोड़ के 'ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट' को बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला। वर्षावनों की कटाई और आदिवासियों के अस्तित्व पर जताई चिंता।
Updated Apr 29 2026 01:53 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Andaman & Nicobar Islands, India
92,000 Crore Scam Allegation: कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार दीप समूह के दौरे पर है। बुधवार को उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत कैंपबेल बे स्थित श्री सिंह सभा गुरुद्वारा में मत्था टेककर किया। उन्होंने अपने दौरे के दौरान सिख समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इसके साथ ही राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी विकास परियोजना पत्रिका हमला बोलकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
₹92,000 करोड़ का 'ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट' निशाने पर
विपक्ष नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के 92000 करोड़ के प्रोजेक्ट ‘ग्रेट निकोबार दीप समूह विकास प्रोजेक्ट’ को देश का आपसे अब तक सबसे बड़ा घोटाला वाला प्रोजेक्ट बताया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर भ्रष्टाचार और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के नाम पर लगभग 160 वर्ग किलोमीटर के वर्षावन को काटा जा रहा है जो पारिस्थितिक तंत्र के लिए एक बड़ा अपराध है। उन्होंने कहा कि जंगल को काटने से आदिवासी समुदायों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट से जनता को लाभ मिलने के बजाय चुनिंदा कॉर्पोरेट मित्रों को लाभ मिलेगा जिनके लिए यह प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
राहुल गांधी द्वारा लगाए गए इन आरोपों के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंगतेज होती दिखाई दे रही है। कांग्रेस इसे जल जंगल जमीन की लड़ाई बता रही है तो वही सरकार इस प्रोजेक्ट को नीली अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गेम चेंजर के रूप में विकास बता रही है। राहुल गांधी का यह दौरा आने वाले समय में पर्यावरण और विकास के बहस को संसद के भीतर और अधिक गरमा सकता है।