रामगढ़ में अवैध कोयला खदान में बड़ा हादसा: ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस से 4 मजदूरों की मौत

झारखंड के रामगढ़ जिले के अरगड्डा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान 40 फीट गहरी खदान में ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण 4 मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

रामगढ़ में अवैध कोयला खदान में बड़ा हादसा: ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस से 4 मजदूरों की मौत

Updated Jun 13 2026 08:26 PM

Editor: Panthalassa Team | Location: Ramgarh, Jharkhand, India

Coal Mining Accident: झारखंड के रामगढ़ जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया जहां अवैध कोयला खनन करने गए 40 फीट गहरी खदान में चार मजदूरों की ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस रिसाव के कारण मौत हो गई। 

यह घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र के अरगाडा के पास वन क्षेत्र में स्थित एक बंद और अनधिकृत कोयला खदान में हुई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

Ads


ऑक्सीजन की कमी बनी मौत की वजह

रामगढ़ थाना के प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने जानकारी दी कि खदान के भीतर ऑक्सीजन की कमी के कारण मजदूरों की मौत हुई है। पुलिस ने चारों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।


मृतकों की हुई पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान इस प्रकार हुई है—

Ads
  • देव बेदिया (30), निवासी छोटकी टोंगी, गिद्दी थाना क्षेत्र, हजारीबाग
  • डबलू बेदिया (36), निवासी छोटकी टोंगी, गिद्दी थाना क्षेत्र, हजारीबाग
  • किशोर रवानी (33), निवासी बुध बाजार, रामगढ़
  • आशीष कुमार नटवर, निवासी रामगढ़


रेस्क्यू अभियान के बाद अस्पताल पहुंचाए गए मजदूर

मिली जानकारी के मुताबिक खदान के अंदर कुछ मजदूर फंसने की जानकारी सुनकर अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए अंदर गए लेकिन जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी की चपेट में आने के कारण सभी बेहोश हो गये। जैसे ही इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो उन्होंने प्रशासन को जानकारी दिया जिसके बाद बचाव अभियान चलाया गया।

काफी मशक्कत करने के बाद सभी को बाहर निकाल कर अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Ads


अवैध खनन पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर झारखंड में अवैध कोयला खनन के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। कुछ लोगों का कहना है की रोजी-रोटी की मजबूरी में कई मजदूर अपनी जान को जोखिम में डालकर बंद और असुरक्षित खदानों में उतर जाते हैं। इसके बाद इस तरह की घटनाओं का शिकार हो जाते हैं और अपनी जान गंवा देते हैं।