New Delhi : भारत के राजनीतिक में एक बार फिर से भूचाल आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। उनके साथ AAP और साथ राज्यसभा सांसदों के बीजेपी ज्वाइन करने का फैसला सबको चौंका दिया है।प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जताया भरोसा दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता ग्रहण किया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि "मैं काफी समय से घुटन महसूस कर रहा था। जिस विजन के साथ हमने पार्टी बनाई थी, वह अब कहीं खो गया है। देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन ही एकमात्र रास्ता है।"इन 7 सांसदों ने किया पाला बदलावआम आदमी पार्टी के केवल एक सांसद का यह इस्तीफा नहीं है। बल्कि भाजपा में शामिल होने वाले और भी प्रमुख नाम शामिल हैं: राघव चड्डासंदीप पाठक (संगठन महासचिव)हरभजन सिंह (पूर्व क्रिकेटर)स्वाति मालिवालअशोक मित्तलराजेंद्र गुप्ताविक्रम साहनीदलबदल कानून से बचने की बड़ी चालराजनीतिक के जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा बहुत हीचालक तरीके से यह कदम उठाया है। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद थे जिनमें 7 सांसद एक साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। ऐसे में उन पर दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत सदस्यता जाने का खतरा नहीं रहेगा, क्योंकि इसे तकनीकी रूप से पार्टी के एक गुट का विलय माना जाएगा।आम आदमी पार्टी के लिए अस्तित्व का संकटइस झटके के बाद राज्यसभा में AAP के पास अब केवल तीन सांसद ही बचे हैं जिनमें संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल हैं। राघव चड्ढा का बीजेपी में शामिल होना आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा संकट माना जा रहा है। लेकिन भाजपा अध्यक्ष ने इस घटनाक्रम को सत्य की जीत बताया है।
Patna : Bhojpuri Video: भोजपुरी सुपरस्टार रितेश पांडे एक बार फिर अपने नए गाने के साथ दर्शकों के बीच तहलका मचा दिया है। रितेश का नया गाना मजाक कर गाल से यूट्यूब पर रिलीज होते ही ट्रेंड करने लगा। इस गाने में रितेश पांडे के साथ-साथ भोजपुरी की उभरती हुई एक्ट्रेस सपना चौहान दिखाई दे रही हैं। इन दोनों की केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आ रही है।मजेदार नोकझोंक और शानदार वीडियोइस गाने के वीडियो में रितेश पांडे और सपना चौहान के बीच खट्टी मीठी नोक झोक दिखाई गई है। सपना चौहान एक ग्लैमर अवतार में दिखाई दे रही है, तो वही रितेश पांडे अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में नजर आ रहे हैं।शादियों और पार्टियों की बनेगा पहली पसंदइस गाने का म्यूजिक बीट इतना दमदार है की शादियों में डीजे पर लोग गाने को बजाकर खूब झूम रहे हैं। भोजपुर दर्शन भी रितेश और सपना की जोड़ी को खूब जमकर तारीफ कर रहे हैं और बता रहे हैं कि यह गाना रितेश के हर गाने की तरह सुपरहिट हो सकता है।
Chhattisgarh : Vedanta plant fire news: छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के डबरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार भीषण आग लग गई। जिसमें 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, प्रशासन ने मरने वाले की पहचान सार्वजनिक कर दी है। वहां के अधिकारियों के अनुसार मृतक पश्चिम बंगाल 5, उत्तर प्रदेश 2, झारखंड 3, बिहार 2 और छत्तीसगढ़ के पांच मजदूर शामिल हैं। इस हादसे में करने वाले मृतकों के नामवेदांता प्लांट हादसा में मरने वाले लोगों के नाम निम्नलिखित पर प्रकार दिए गए हैं हालांकि कौन से व्यक्ति कहां के रहने वाले हैं इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। अमृत लाल पटेलरितेश कुमारअकीब खानपप्पू कुमारअब्दुल करीममानस गिरीशेख सैफुदिनउदब सिंह यादवसुशांता जानारामेश्वर महिलांगेठंडाराम लहरेतरुण कुमार ओझाअशोक परहियाबृजेश कुमारकार्तिक महतोनदीम मंसारीशिबनाथ मुर्मूहादसे में घायल हुए मजदूरों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां पर उनका इलाज चल रहा है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन और राहत बचाव दल घटनास्थल पर लगातार बचाव में लगे हुए हैं।छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने इस घटना को जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
New Delhi : Ambedkar Jayanti 2026: बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) से ठीक एक दिन पहले आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर #Bhim_Janta_Party तेजी से ट्रेंड कर रहा है। इस ट्रेंड के पीछे सत्ता पक्ष औरविपक्ष के दलित वोटो को निशाना बनाने का होड़ मची हुई है। इसके साथ ही डॉक्टर अंबेडकर की विरासत पर जो की राजनीतिक के मुख्य वजह मानी जा रहे हैं।ट्रेंड होने के 3 बड़े कारण:1. रायबरेली में बीजेपी का बड़ा दांवकांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रायबरेली बरेली में डॉक्टर भीमराव की प्रतिमा का उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी आज अनावरण कर रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के इस कदम को सीधे तौर पर दलित समुदाय के बीच पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। जिसके कारण सोशल मीडिया पर लोग बीजेपी को भी अवतार बता रहे हैं।2. राहुल गांधी का 'रन फॉर अंबेडकर'वहीं दूसरी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज दिल्ली में ‘रन फॉर अंबेडकर’ मैराथन को हरी झंडी दिखाई है। जिसकी तस्वीर राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर की है उसमें नीली शर्ट और जय भीम का स्कार्फ पहने राहुल गांधी दिखाई दे रहे हैं।3. बीजेपी का मेगा सेलिब्रेशन प्लानबीजेपी के अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा ने देश भर में बड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई है। लखनऊ में 11000 दिए जलाने से लेकर हर मंडल स्तर पर डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों की साफ सफाई करवा रही है और इस बार बीजेपी के तरफ से अंबेडकर जयंती को भव्य तरीके से मनाने की योजना है।
Aurangabad (Bihar) : Relief from Spirit Possession: बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड के अंतर्गत स्थित महुआ धाम इन दोनों आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां की मान्यता इतनी गहरी है कि यह सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि झारखंड, छत्तीसगढ़ और बंगाल में भी प्रसिद्ध है जहां से हजारों की संख्या में लोग आते हैं और अपनी समस्याओं का निवारण करते हैं स्थानीय भाषा में इस जगह को भूतिया मेला भी कहा जाता है।स्थानीय लोग के अनुसार भूत प्रेत बाधा से पीड़ित लोग यहां पर आते हैं। और मां अष्टभुजी मंदिर के परिसर में पूजा पाठ करते हैं तो उनकी प्रेत बाधा समाप्त हो जाती है।चैत और कार्तिक मास में उमड़ता है जनसैलाबवैसे तो यहां पर सालों भर प्रेत बाधा से पीड़ित लोग आना-जाना करते रहते हैं। लेकिन चैत और कार्तिक महीने में यहां का नजारा बिल्कुल अलग होता है। खासकर नवरात्रि के दौरान यहां अजीबोगरीब दृश्य भी देखने को मिलता है। लोगों का मानना है कि इस स्थान पर आने से प्रेत बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिल जाती है।अजीबोगरीब नज़ारे और भूतिया मेलायहां पर आने वाले कई महिला और पुरुष अजीब हरकत करते नजर आते हैं। स्थानीय लोग इसे प्रेत बाधा की मुक्ति की प्रक्रिया मानते हैं। इन्हीं दृश्य के कारण इसे भूतिया मेला कहा जाता है। आज के समय में महुआ धाम औरंगाबाद ही नहीं बल्कि पूरे भारत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुका है।कैसे हुई इस स्थान की उत्पत्ति?स्थानीय निवासियों और जानकारी के अनुसार इस स्थान का इतिहास लगभग 20 साल पुराना है कहा जाता है। कि यहां पर महुआ के दो विशाल पेड़ हुआ करते थे। दोनों पेड़ के गिरने के बाद वहां से मां अष्टभुजी की प्राचीन मूर्ति प्रकट हुई थी। जिसके बाद विधि विधान से पूजा पाठ शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह एक सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध हो गया।महुआ धाम में मिलने वाली मां अष्टभुजी की मूर्ति को देखने के लिए दूसरे राज्य के पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। जिससे यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनते जा रहा है।
New Delhi : Maa Baglamukhi Jayanti 2026: कल यानी की 24 अप्रैल 2026 को देशभर में मां बगलामुखी जयंती मनाई जाएगी। मां बगलामुखी 10 महाविद्याओं में से आठवीं विद्या मानी जाती है, उन्हें पीतांबरा के नाम से भी लोग जानते हैं। मान्यता है कि वैशाख शुक्ल पक्ष के अष्टमी तिथि को ही मां बगलामुखी प्रकट हुई थी।शत्रु बाधा और कोर्ट-कचहरी के मामलों में रामबाण है साधनाज्योतिषाचार्यों के अनुसार मां बगलामुखी का पूजा विशेष रूप से अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और वाद-विवाद में जीत हासिल करने के लिए की जाती है। कहां जाता है की मां बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। उनकी पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल, पीला चंदन और पीली हल्दी का उपयोग किया जाता है। भक्तों को सलाह दिया जाता है कि बगलामुखी मां का पूजा करते समय पीले वस्त्र धारण करके माता का आराधना करें।शुभ मुहूर्त (24 अप्रैल 2026) .muhurat-container { font-family: 'Segoe UI', Tahoma, Geneva, Verdana, sans-serif; max-width: 600px; margin: 20px auto; border: 1px solid #e0e0e0; border-radius: 8px; overflow: hidden; box-shadow: 0 0px 0px rgba(0,0,0,0.05); } .muhurat-table { width: 100%; border-collapse: collapse; background-color: #fff; } .muhurat-table th { background-color: #ff6f00; color: white; text-align: left; padding: 12px 15px; font-size: 18px; } .muhurat-table td { padding: 12px 15px; border-bottom: 1px solid #f0f0f0; color: #333; font-size: 16px; } .muhurat-table tr:last-child td { border-bottom: none; } .muhurat-table tr:nth-child(even) { background-color: #fff9f0; } .label { font-weight: bold; color: #e65100; width: 40%; } .highlight { color: #d32f2f; font-weight: bold; } शुभ मुहूर्त: 24 अप्रैल 2026 अष्टमी तिथि प्रारंभ 23 अप्रैल 2026 (देर रात) अष्टमी तिथि समापन 24 अप्रैल 2026 (शाम तक) विजय मुहूर्त दोपहर 02:15 बजे से 03:08 बजे तक विशेष टिप्पणी साधना के लिए उत्तम समय राजनीति और न्याय से जुड़े लोगों के लिए खास महत्वमाना जाता है कि राजनीतिक में सफलता और कानूनी जटिलताओं से मुक्ति के लिए बांग्लामुखी साधना किया जाता है। जो लोग राजनीतिक में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं या कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं तो उनके लिए यह पूजा बेहद प्रभावशाली माना जाता है।
Deo : बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित देव सूर्य नगरी में हर साल देव सूर्य महोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव में न केवल स्थानीय कलाकार आते हैं बल्कि देश के नाम से हस्तियों की भी प्रस्तुति होती है। इस महोत्सव को जिलावासी बड़े धूमधाम के साथ करते हैं।क्यों मनाया जाता है यह महोत्सव?देव सूर्य महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष माघ शुक्ल पक्ष के सप्तमी के आसपास किया जाता है। इसे मनाने के पीछे कई धार्मिक और सांस्कृतिक कारण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अचला सप्तमी के दिन ही भगवान सूर्य का जन्म हुआ था। इसी पावन तिथि को यादगार बनाने के लिए औरंगाबाद के देव में इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस महोत्सव को मनाने का दूसरा मुख्य उद्देश्य देव और मंदिर के महत्ता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना और बिहार के स्मृति लोक कला संस्कृति को बढ़ावा देना है।
India : आज यानी की 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती है इसी दिन अंजनी पुत्र हनुमान का जन्म हुआ था। पूरे साल इंतजार करने के बाद चैत मास के पूर्णिमा के दिन यह जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस पावन पर्व के अवसर पर हमने आपके लिए नीचे हनुमान जी के आरती दी है, जिसे पढ़कर या गाकर आप अपना पूजा संपन्न कर सकते हैं। इसके अलावा हमने हनुमान जी की आरती गाने के लाभ और आरती की विधि भी बताई है। आरती: कीजै हनुमान लला की (Hanuman Ji Ki Aarti Hindi Lyrics)आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥जाके बल से गिरिवर कांपे।रोग दोष जाके निकट न झांके॥अंजनि पुत्र महा बलदाई।संतन के प्रभु सदा सहाई॥आरती कीजै हनुमान लला की...दे बीरा रघुनाथ पठाए।लंका जारि सिया सुधि लाए॥लंका सो कोट समुद्र-सी खाई।जात पवनसुत बार न लाई॥लंका जारि असुर संहारे।सियारामजी के काज सवारे॥आरती कीजै हनुमान लला की...लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।आनि संजीवन प्राण उबारे॥पैठि पाताल तोरि जम-कारे।अहिरावण की भुजा उखारे॥बाएं भुजा असुरदल मारे।दाहिने भुजा संतजन तारे॥आरती कीजै हनुमान लला की...सुर नर मुनि आरती उतारें।जय जय जय हनुमान उचारें॥कंचन थार कपूर लौ छाई।आरती करत अंजना माई॥जो हनुमान जी की आरती गावे।बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ विषय (Topic) महत्वपूर्ण जानकारी (Key Details) आरती की सही विधि स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनें, घी या कपूर का पंचमुखी दीपक जलाएं और शांति से आरती गाएं। आरती का समय हनुमान जयंती पर सुबह और शाम, दोनों समय आरती करना शुभ होता है। नकारात्मकता का नाश आरती करने से घर की बुरी शक्तियां और वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। शनि दोष निवारण शनि की साढ़ेसाती और ढैया से परेशान लोगों के लिए यह आरती रामबाण है। मुख्य लाभ आत्मविश्वास में वृद्धि, भय से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति। हनुमान जी की आरती करने की सही विधि (Sahi Vidhi)हिंदू धर्म में आरती केवल शब्द नहीं बल्कि ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव होता है। इसलिए हनुमान जी की सारथी को करते समय नीचे दिए गए नियम का पालन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।शुद्धता का ध्यान: आरती करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र का धारण करें अगर संभव हो तो लाल या पीले कलर का वस्त्र पहने।दीपक का चयन: हनुमान जी की आरती करने के लिए घी का दीपक या कपूर का उपयोग करना उत्तम माना जाता है। पांच मुखी दीपक में रुई की पांच बत्तियां जालना अत्यंत शुभ होता है।आरती की दिशा: हनुमान जी की आरती करते समय मुख्य रूप से यह ध्यान रखना है की सबसे पहले उनके चरण के पास 4 बार, नाभि के पास 2 बार और अंत में मुख मंडल के पास 7 बार आरती उतारने चाहिए। आरती के थाली को बजरंगबली की प्रतिमा के सामने गोल घुमायें।एकाग्रता और भाव: बजरंगबली की आरती करते समय मन को बिल्कुल शांत रखें और संकटमोचन हनुमान जी का ध्यान करते रहे।पुष्पांजलि: आरती समाप्त होने के बाद शंख बजायें और भगवान को पुष्प अर्पित करके प्रणाम करें।हनुमान जी की आरती करने के चमत्कारिक लाभ (Hanuman Aarti Benefits in Hindi)नियमित रूप से हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की का गान करने से निम्नलिखित चमत्कारी लाभ प्राप्त होते हैं।नकारात्मक ऊर्जा का नाश: घर में हनुमान जी की आरती करने से बुरी शक्तियों और नकारात्मकता दूर भागती है इससे घर में सुख शांति बनी रहती है।भय और तनाव से मुक्ति: जो व्यक्ति नियमित रूप से अंजनी पुत्र हनुमान जी का आरती करता है उसे बुरे सपने, अकारण भय और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है।शनि दोष से राहत: ज्योति शास्त्र के अनुसार बजरंगबली का आराधना करने से शनि देव का प्रभाव कम होता है।रोग और कष्टों का निवारण: हनुमान जी के आरती में दी गई पंक्तियों "रोग दोष जाके निकट न झांके" यह स्पष्ट करती है की सच्ची मन से भक्ति और आराधना करने से रोगों की मुक्ति मिलती है।
India : उत्तराखंड में बाबा बदरीनाथ और केदारनाथ का दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब यात्रियों को रुद्रप्रयाग शहर के ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भारी जाम से जूझना नहीं पड़ेगा। वाहनों की आवाजाही के लिए बनी रुद्रप्रयाग बाईपास योजना के तहत 900 मीटर लंबी सुरंग को खोल दिया गया है। इस सुरंग को शुरू होने से बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ और जखोली जाने वाले स्थानीय लोगों को भी समय की बचत होगी। अब वाहन रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार के रास्ते नहीं गुजरेगी। यह सुरंग शहर से 2 किलोमीटर पहले ही रास्ता बदल देगी, जिससे शहर के बाहर ही ट्रैफिक का दबाव डायवर्ट हो जाएगी।साल 2003-04 में शुरू हुई यह योजना बजट के आभाव में लंबे समय तक अटकी हुई थी। इस सुरंग की कहानी काफी पुरानी है, साल 2021 में इसे दोबारा बनाने की मंजूरी मिली और 2022 में 156 करोड़ की लागत से काम शुरू हुआ, निर्माण एजेंसी तेजी से काम करते हुए इसे जल्द ही पूरा कर दिखाया और अब इस सुरंग से वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। रुद्रप्रयाग शहर में चार धाम यात्रा के लिए घंटे का जाम लगना आम बात थी। इस सुरंग को चालू होने से अब यात्री सीधे बाईपास के जरिए अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच सकेंगे। पुलिस का मानना है कि इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य सेवाओं को भी रास्ता साफ़ मिलेगा।
Bihar : Tourist places in Bihar: बिहार एक राज्य नहीं बल्कि सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान की जननी है। प्राचीन काल के मगध साम्राज्य से लेकरआधुनिक लोकतंत्र के न्यू तक बिहार की मिट्टी में न जाने का इतिहास के परतें दबी हुई है। आज हम आपको बिहार के उन महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में बताने वाले हैं जो अपने अनूठी विशेषताओं के कारण दुनिया भर के पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है।1. बोधगया (जहाँ मिली विश्व को शांति की राह)बिहार के गयाजी जिले में स्थित बोधगया बौद्ध धर्म का हृदय कहा जाता है। यहां पर स्थित महाबोधि मंदिर और बोधि वृक्ष गवाह है, उस पाल के जब राजकुमार सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्त हुआ था और वह बुद्ध कहलाए थे। यह UNESCO की विश्व धरोहर है इसके साथ ही शांति की तलाश करने वालों के लिए स्वर्ग के समान है।2. नालंदा विश्वविद्यालय (प्राचीन ज्ञान का वैश्विक केंद्र)पांचवीं शताब्दी में स्थापित नालंदा विश्वविद्यालय पूरी दुनिया का पहला आवासीय विद्यालय था। यहां पर मौजूद पुस्तकालय और अध्ययन कक्षों के अवशेष आज भी बताते हैं कि बिहार कभी विश्व गुरु हुआ करता था। इसे भी UNESCO द्वारा विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है।3. राजगीर (पहाड़ियों के बीच बसा ऐतिहासिक संगम)बिहार का राजगीर को हिंदू जैन और बौद्ध धर्म का संगम स्थल कहा जाता है। मगध साम्राज्य की पहली राजधानी रहे इस शहर में विश्व शांति स्तूप, वेणुवन और गर्म पानी के झरने पर्यटक के ध्यान अपने ओर आकर्षित करते हैं। हाल में ही बना यहां का ग्लास ब्रिज युवाओं के लिए काफी लोकप्रिय जगह है।4. वैशाली (लोकतंत्र की जन्मस्थली)बिहार के वैशाली जिला को दुनिया का पहला गणराज होने का गौरव प्राप्त है। यहां पर भगवान महावीर का भी जन्म स्थल है और महात्मा बुद्ध की भी कर्मभूमि है। यहाँ का अशोक स्तंभ मौर्यकालीन वास्तुकला का अद्भुत नमूना है।5. पावापुरी (जल के बीच मोक्ष का धाम)जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को यहीं मोक्ष प्राप्त हुआ था। यहां पर स्थित जल मंदिर जो एक कमल तालाब के बीच स्थित है, अपनी दिव्यता और शांति के लिए प्रसिद्ध है।इसके अलावा सासाराम में स्थित शेरशाह सूरी का मकबरा, पटना में स्थित तख्त श्री पटना साहिब, गोलघर, बिहार संग्रहालय इत्यादि कई ऐसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद है।
Rohtas : Bihar Best Waterfall: बिहार के लोग पहाड़ और झरना देखने के लिए और अपनी छुट्टियां मनाने के लिए शिमला या मनाली चले जाते हैं। या कई ऐसे जगह जहां पर सुकून का फल को गुजरने के लिए जाते हैं। लेकिन शायद ही आपको पता होगा कि बिहार में भी ऐसे पर्यटक स्थल और प्राकृतिक जलप्रपात मौजूद है जहां पर छुट्टियां मना सकते हैं और अपना सुकून भरा पल बिता सकते हैं।वैसे धीरे-धीरे यह स्थान भी पर्यटक को का मुख्य स्थल भी बनते जा रहा है यहां पर पहाड़ से गिरते झरने घने जंगल ठंडी हवा शांत माहौल लोगों को प्राकृतिक के करीब ला देता है। तो चलिए आज आपको बताते हैं कि बिहार के ऐसे पांच जलप्रपात जहां आप अपनी छुट्टियां मना सकते हैं या सुकून का फलबिता सकते हैं।1. तुतला भवानी जलप्रपात (Tutla Bhawani Waterfall)बिहार के रोहतास जिले में स्थित तुतला भवानी जलप्रपात अपने आप में एक अनोखा स्थान है। यहां पर लगभग 180 फीट गिरता पानी एक अलग आकर्षण का केंद्र है यहां पर मां तुतला भवानी मंदिर भी है। जिसके कारण धार्मिक और पर्यटक दोनों हर साल लाखों की संख्या में आते हैं। ऊंचाई से गिरता हुआ पानी आसपास के वातावरण को ठंडा कर देता है और पानी के फुहारे आनंददायक होते हैं।Read More: बिहार के इस गांव में बहती है खून की नदी, जानें इसकी पूरी सच्चाई2. मांझर कुंड और धुआं कुंड का भी अलग है नजरतुतला भवानी वॉटरफॉल से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर मांझर कुंड (Manjhar Kund) और धुआं कुंड (Dhuwa Kund) स्थित है। जो अपने आप में बेहद खूबसूरत और प्राकृतिक झरने हैं। कैमूर के पहाड़ियों में स्थित या झरना पर्यटक और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद ही सुकून देने वाला स्थल है। पहाड़ से गिरते हुए पानी का आवाज आसपास के वातावरण को शांत कर देता है जो लोगों को मानसिक तनाव के समय में सुकून देने वाला पल होता है।3. कशिश जलप्रपात कभी है एक अलग नजरारोहतास जिले में ही स्थित कशिश जलप्रपात (Kashish Waterfall) का भी अपने आप में एक अलग नजर है। यह जलप्रपात प्राकृतिक संरचना और ऊंचाई के लिए जाना जाता है। पहाड़ की चोटियों से गिरता हुआ पानी का आवाज दूर-दूर तक पहुंचता है, यही वजह है कि पर्यटक बड़ी संख्या में इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए आते हैं। यह जलप्रपात रोहतास जिले के पठार क्षेत्र के दुर्गावती नदी के पास स्थित है। इसकी ऊंचाई लगभग 800 फीट से भी ज्यादा है।4. रचा-बसा करकटगढ़ जलप्रपातकरकटगढ़ जलप्रपात (Karkatgarh Waterfall) एक प्रसिद्ध वॉटरफॉल है जोकैमूर पहाड़ियों के स्थित बसा हुआ है। इस स्थान को प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। साथ ही मगरमच्छ संरक्षण केंद्र के रूप में भी इसे विकसित किया गया है। यहां पर इको पार्क और बच्चों के मनोरंजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इन सभी जलप्रपातों को पर्यटक को के लिए विकास किया जा रहा है ताकि पर्यटन का बढ़ावा मिल सके। सड़क सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्था से लेकर अंत सुविधाओं का मुहावाया कराया जा रहा है ताकि पर्यटक ज्यादा से ज्यादा संख्या में यहां पहुंचे और बिहार को पर्यटन के एक नई पहचान मिल सके। नोट: पर्यटकों से अपील है कि झरनों के पास जाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और जलधारा के एकदम करीब जाने से बचें।
Deo : पूरे दुनिया में प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर जितना ही पुराना है उससे ज्यादा इतिहास अपने अंदर समेट हुआ है। कहा जाता है कि यह सूर्य मंदिर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा की ओर था। लेकिन जब औरंगजेब इस मंदिर को तोड़ने के लिए आए थे। तो उनके द्वारा दी गई शर्ट के अनुसार भक्ति के अनुरोध पर मंदिर का दरवाजा रातों-रात पश्चिम दिशा की ओर हो गया था।इसके कई सारे कहानियां हैं जो सुनने के बाद आपके मन को इस मंदिर की ओर खींचने पर मजबूर कर देती है। छठ पूजा के लिए मशहूरइस मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं और भगवान सूर्य को अरग देकर अपनी मनोकामना मांगते हैं जो पूर्ण भी होती है। पूरा वीडियो में देखिए की मंदिर के पुजारी ने देव सूर्य मंदिर के बारे में क्या कहादेव सूर्य मंदिर का रहस्यमयी इतिहास | Chhath Puja 2026 | Surya Mandir Deo Bihar (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});