शराबबंदी को लेकर जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार पर उठाए सवाल, 50-100 ग्राम शराब पीना अपराध नहीं है

शराबबंदी को लेकर जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार पर उठाए सवाल, 50-100 ग्राम शराब पीना अपराध नहीं है

Updated Dec 09 2025 12:36 PM

Editor: Panthalassa Team | Location: Patna, Bihar, India

Bihar Politics: एनडीए गठबंधन के नेता जीतन राम मांझी ने एक बार फिर से शराब बंदी कानून के ऊपर सवाल उठाए हैं उन्होंने नीतीश कुमार को शराब बंदी को लेकर धन्यवाद भी किया साथ ही कई सारे सवाल भी पूछे उनका कहना है कि शराब माफिया लाखों की शराब बिहार में भेजते हैं।

उन्हें नहीं पकड़ा जा रहा है बल्कि 50-100 ग्राम शराब पीने वाले मजदूर को पकड़ कर जेल में डाला जा रहा है जो सरासर गलत है, बिहार में शराबबंदी एक अच्छी पहल है मैं नीतीश कुमार जी को धन्यवाद करता हूं लेकिन गरीब व्यक्तियों को पकड़नाऔर उन्हें जेल में डालना गलत है।


थोड़ी सी शराब पीकर मजदूर मिटता है थकान

हम पार्टी के नेता संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि गरीब मजदूर दिन भर काम करके थकने के बाद थोड़ी सी शराब पीकर घर जाता है जिसे पुलिस पकड़ कर जेल में डाल देते हैं, मजदूर कोई अवैध शराब बेचता नहीं बल्कि अपनी थकान दूर करने के लिए थोड़ी सी पी लेता है।

यही वजह है कि बिहार में 6 लाख मुकदमा पेंडिंग है जिसमें चार लाख मुकदमा ऐसे हैं जो शराब बेचने का काम नहीं करते बल्कि अपनी थकान मिटाने के लिए थोड़ी सी पी लेते हैं प्रशासन को ऐसे लोगों को पकड़ना चाहिए जो हजारों लीटर की मात्रा में अवैध शराब बनाकर बेचते हैं।


मेरे माता-पिता भी शराब बेचते थे - जीतन राम मांझी

जीत राम मांझी ने बताया कि उनके माता-पिता भी शराब बनाकर भेजते थे लेकिन जब वह पढ़ने लिखने लगे तो उन्हें मना किया और वह मान गए, महुआ शराब बनाने की प्रक्रिया 8 दोनों को होती है और उसमें ऐसे तत्व डाले जाते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं लेकिन चोरी छुपे शराब बनाने वाले शराब तस्कर 2 घंटे में शराब तैयार कर देते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक है, बिहार सरकार को उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और अवैध शराब माफिया को पड़कर जेल में डालना चाहिए।