Bengal Election Result 2026: क्या बंगाल में शुरू हो गया है 'भगवा युग'? जानें 1947 से अब तक का पूरा सियासी सफर
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों ने रचा इतिहास! जानें 1947 से अब तक कांग्रेस, वामपंथ और TMC के सफर से लेकर भाजपा के 'भगवा युग' की शुरुआत तक की पूरी कहानी।
Updated May 07 2026 08:54 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: Kolkata, West Bengal, India
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति ने एक बार फिर अपना इतिहास रच दिया है। दशकों तक राज करने वाली राजनीतिक पार्टियों कांग्रेस, वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हराकर बीजेपी इस बार अपनी जित हासिल कर लिया है। बंगाल के जनता ने इस बार डबल इंजन की सरकार पर अपना भरोसा दिखाया है। राज्य की जनता बीजेपी के हाथों में अपना विकाश के कमान को दे दी है।
आइए नजर डालते हैं आजादी के बाद तक के बंगाल के ऊपर सियासी का सफर जिसने राज्य की दिशा और दशा तय की है।
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1. कांग्रेस का शुरुआती दौर (1947 - 1977)
देश आजाद होने के बाद लगभग 30 साल तक पश्चिम बंगाल (West Bangal) में कांग्रेस ने शाशन की थी। डॉ. बिधान चंद्र रॉय जैसे दिग्गज नेताओं के नेतृत्व में इस दौरान औद्योगिक और बुनियादी ढांचे की नींव बंगाल में रखी गई थी। हालांकि 70 के दशक के आते आते राजनीतिक की अस्थिरता और आंदोलन ने बंगाल में कांग्रेस की पकड़ को कमजोर कर दिया।
2. वाम मोर्चा का 'अजेय' किला (1977 - 2011)
1977 में कांग्रेस के बाद ज्योति बसु (Jyoti Basu ) के नेतृत्व में “वाम मोर्चे” की सरकार बनी, जिसने लगातार 34 वर्षों तक शासन करके एक विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस दौर में भूमि सुधार और पंचायत की सशक्तिकरण किया गया था लेकिन अंतिम वर्षों में ‘सिंगूर’ और ‘नंदीग्राम’ जैसे आंदोलन से इनका भी शासन को खत्म कर दिया था।
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3. ममता बनर्जी और TMC का उदय (2011 - 2026)
माँ, माटी मानुष के नारे के साथ ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने 2011 में वामपंथ के राजनीतिक किले को ध्वस्त किया और लगभग 15 वर्षों तक सत्ता में रहते हुए टीएमसी ने बंगाल की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया। कल्याणकारी योजनाओं और जमीनी संघर्ष के दम पर ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के तीन बार मुख्यमंत्री रही। लेकिन 2026 के चुनाव परिणामों ने इनके शासन को भी ध्वस्त कर दिया।
4. 2026 से भाजपा का नया दौर?
2026 के चुनाव ने राज्य में एक नया दौर शुरू कर दिया है भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक नई शक्ति के रूप में पश्चिम बंगाल में उभरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास सुरक्षा और सुशासन के वादे के साथ भाजपा ने बंगाल में अपनी सरकार बनाने में कामयाब रही। लंबे समय के बाद बंगाल की जनता ने भाजपा पर अपना भरोसा दिखाया है।
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अब देखना यह है कि क्या बीजेपी का यह नया दौर बंगाल की पुरानी गरिमा को वापस ला पाएगा ? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन तय है कि 2026 का साल बंगाल के इतिहास के लिए एक नया मोड़ साबित होने वाला है।