औरंगाबाद में ओझा-डायन के शक में दोहरी हत्या, 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला

Aurangabad Double Murder Case: 5 साल पहले अंधविश्वास का आरोप लगाकर दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। औरंगाबाद न्यायालय ने 5 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

औरंगाबाद में ओझा-डायन के शक में दोहरी हत्या, 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला

बिहार के औरंगाबाद जिले में 29 जून 2021 को अंधविश्वास में आकर दो लोगों को पर ओझा-डायन होने का आरोप लगाया और उन्हें पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर माननीय न्यायालय (ADJ-08, श्री मनीष कुमार जायसवाल) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह दर्दनाक घटना मदनपुर थाना क्षेत्र के जमुआई गांव की है।


 पुलिस की मजबूत पैरवी और वैज्ञानिक सबूत

औरंगाबाद पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड को सुलझाने के लिए बेहतरीन काम किया है। पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए, तकनीकी अनुसंधान और FSL (फॉरेंसिक टीम) की मदद से वैज्ञानिक सबूत भी जुटाए और समय पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई, जिससे आरोपी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं जा सके।

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इन 5 दोषियों को मिली सजा

औरंगाबाद के सरकारी वकील श्री प्रदीप कुमार सिंह के तर्कों और पुलिस के पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने जमुआई गांव के पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जिसमें लालमोहन भुइयाँ, राजेश भुइयाँ, अशर्फी भुइयाँ, तपेस्वर भुइयाँ, रामप्यारे भुइयाँ शामिल हैं।


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भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत सभी दोषियों को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। जुर्माना न देने पर उन्हें 1 साल की अतिरिक्त जेल होगी। घातक हथियार रखने, घर में घुस कर अपराध करने के लिए धारा 147, 148 और 448 के तहत 1 से 2 वर्ष तक की अलग-अलग सश्रम कारावास की सजा किया जा सकता है। अदालत के इस सजा से न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय मिला, बल्कि समाज में अंधविश्वास फैलाने वाले अपराधियों को भी सख्त संदेश गया है।

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