बंगाल के देह व्यापार अड्डे से बिहार की 13 नाबालिग बच्चियों को कराया गया मुक्त, प्रतिदिन भेजा जाता था 8 से 10 ग्राहकों के पास
Sex racket busted: पश्चिम बंगाल के उत्तर दीनाजपुर में देह व्यापार के अड्डे से बिहार की 13 नाबालिग लड़कियों सहित 17 बच्चियों को कराया मुक्त। 4 आरोपी गिरफ्तार।
Updated Jul 05 2026 11:21 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: West Bengal, India
पश्चिम बंगाल के उत्तर दीनाजपुर जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र में चल रहे एक बड़े देह व्यापार के अड्डे पर पुलिस ने छापेमारी कर 17 नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया है। इनमें से 13 नाबालिग बच्चियां बिहार की रहने वाली हैं, जबकि 3 बंगाल की और 1 असम की है। इस दलदल से मुक्त कराई गई सबसे कम उम्र की बच्ची 11 साल की है, जो बिहार के किशनगंज की रहने वाली है। बाकी अन्य बच्चों की उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच है। बच्चियों ने पुलिस से आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें रोजाना 8 से 10 ग्राहकों के पास भेजा जाता था और इसके बदले उन्हें एक रुपया भी नहीं दिया जाता था।
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NGO और पुलिस का साझा ऑपरेशन
'एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन' (AVA) और 'कोसी लोक मंच' की सटीक सूचना पर ही यह रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस अड्डे की रेकी कार्यकर्ताओं की एक टीम पिछले दो महीनों से कर रही थी। यह बड़ी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, ड्रोन की मदद से निगरानी रखते हुए की गई। पुलिस ने देह व्यापार रैकेट के 4 संचालकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कुछ आरोपी अन्य बच्चों को लेकर भागने में कामयाब रहे।
फिलहाल, पुलिस ने सभी बच्चों को काउंसलिंग के बाद सुरक्षित अपने घर भेज दिया है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो और ह्यूमन ट्रैफिकिंग की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के लिए 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन' के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने बंगाल पुलिस की सराहना की, साथ में चेतावनी दी कि 11 से 12 साल की बच्चियों की यह तस्करी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।