औरंगाबाद में सीमेंट फैक्टरी बनी मुसीबत! धूल, बीमारी और पानी संकट से जूझ रहे ग्रामीण
औरंगाबाद की सीमेंट फैक्टरी से निकलने वाली धूल और प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों ने बीमारी, खेती और पानी की समस्या का आरोप लगाया।
Updated Jun 07 2026 01:55 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Aurangabad (Bihar), Bihar, India
औरंगाबाद, बिहार: जिले में संचालित सीमेंट फैक्ट्री को लेकर आसपास के गांवों में अब नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है की फैक्ट्री से निकलने वाली धूल और प्रदूषण के कारण लोगों का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर जल स्रोतों पर भी असर पड़ रहा है जिससे गांव में पानी की समस्या उत्पन्न होने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है की फैक्ट्री को आबादी वाले क्षेत्र से हटाया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
धूल से बढ़ रही बीमारियां
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमेंट फैक्ट्री से निकलने वाली महीन धूल हवा के साथ गांव तक पहुंच रही है, जिसकी वजह से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में खांसी, सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि पहले ऐसी समस्याएं नहीं थीं, लेकिन फैक्ट्री के संचालन के बाद स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
खेती और पानी पर भी असर
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि फैक्ट्री से उड़ने वाली धूल खेतों में जमा हो रही है, जिससे फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा फैक्ट्री के आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर और जल स्रोतों पर भी असर पड़ने की शिकायत सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों खतरे में
फैक्ट्री के आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार के नाम पर गांवों की सेहत और पर्यावरण से समझौता नहीं करेंगे। उनका आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाली धूल ने लोगों को जीना मुश्किल कर दिया है। ग्रामीण सरकार से अपील करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए।