औरंगाबाद (बिहार) की स्ट्रॉबेरी बनी नई पहचान, स्वाद और गुणवत्ता की वजह से कई राज्यों में बढ़ी मांग

Aurangabad Strawberry Farming: बिहार के औरंगाबाद की स्ट्रॉबेरी अपने मीठे स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता से पहचान बना रही है।

औरंगाबाद (बिहार) की स्ट्रॉबेरी बनी नई पहचान, स्वाद और गुणवत्ता की वजह से कई राज्यों में बढ़ी मांग

Aurangabad Strawberry: बिहार का औरंगाबाद जिला अब केवल अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां के किसान आधुनिक तकनीकों से उच्च गुणवत्ता वाली स्ट्रॉबेरी की खेती कर जिले को नई पहचान दिला रहे हैं।

यहां की उगाई गई स्ट्रॉबेरी अपने मीठे स्वाद, आकर्षक लाल रंग, प्राकृतिक खुशबू और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण बाजार में तेजी से प्रसिद्ध हो रही है।

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औरंगाबाद की स्ट्रॉबेरी क्यों है खास? 

औरंगाबाद की उपजाऊ दोमट मिट्टी, अनुकूल जलवायु और किसानों द्वारा अपनाई जा रही वैज्ञानिक खेती की तकनीकें स्ट्रॉबेरी उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल साबित हो रही हैं। यहां उगाई जा रही स्ट्रॉबेरी अपने आकार, रंग और स्वाद की वजह से ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रही है।

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यही कारण है कि इसकी मांग स्थानीय बाजारों के साथ-साथ राज्य और देश के अन्य हिस्सों में भी बढ़ रही है। औरंगाबाद में उपजाई गई स्ट्रॉबेरी बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों में भेजी जाती है।

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आधुनिक खेती से किसानों की बढ़ी आय 

स्ट्रॉबेरी की बढ़ती मांग के कारण अब जिले के किसान पारंपरिक खेती से हटकर इस व्यावसायिक फसल की खेती को अपना रहे हैं। अन्य फसलों की तुलना में इस फसल से किसानों को अधिक मुनाफा हो रहा है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार और कृषि विभाग की ओर से विपणन, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो औरंगाबाद की स्ट्रॉबेरी राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना सकती है। 

(पैंथालासा न्यूज़ डेस्क) 

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