भरत भूषण तिवारी फर्जी एनकाउंटर मामले में आरा CJM कोर्ट का बड़ा फैसला। तत्कालीन SDM व SDPO समेत 11 पर गैर-जमानती वारंट जारी
Bharat Tiwari Encounter Case: चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा एक्शन! आरा कोर्ट ने पूर्व SDM-SDPO समेत 11 के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, Bhojpur SP को 12 अगस्त तक पेश होने का आदेश।
Updated Aug 11 2026 11:15 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: Bhojpur, Bihar, India
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एनकाउंटर को फर्जी बताने वाली याचिका पर संज्ञान लेते हुए 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
इस मामले को ध्यान में रखते हुए अदालत ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को 12 अगस्त तक व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का सख्त निर्देश दिया है। साथ ही एनकाउंटर में शामिल सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर तय तारीख तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
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कई वरिष्ठ अधिकारी नामजद
आरा CJM कोर्ट के इस आदेश के बाद, जिन 11 लोगों के खिलाफ ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी किए गए हैं, उनमें सिविल और पुलिस प्रशासन के कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। इससे बिहार के पुलिस और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। आरोपियों की पहचान तत्कालीन जगदीशपुर SDM संजीत कुमार, तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, सब-इंस्पेक्टर अंकित आर्यन, सब-इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रामाशंकर यादव, एसटीएफ (STF) कर्मी विकास कुमार, रविंदर, रामचंद्र व अक्षय कुमार के रूप में की गई है।
बैलिस्टिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट की कार्रवाई
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोपियों के तत्काल गिरफ्तारी और गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई थी।
अदालत ने इस निष्कर्ष को मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बैलिस्टिक साक्ष्यों की गहन जांच के बाद निकाला है, जहां प्रथम दृष्टि में प्राथमिकी (FIR) में नामजद अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। अदालत ने भोजपुर एसपी को सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर 12 अगस्त तक न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।