छात्र आंदोलन को कैसे संभाले सरकार? किरण बेदी ने PM Modi और Amit Shah को दी यह सलाह
Kiran Bedi on Student Protests: छात्रों के उग्र प्रदर्शन को कैसे संभाले प्रशासन? किरण बेदी ने PM मोदी और अमित शाह को दिया फॉर्मूला, जानें पूर्व IPS अधिकारी ने क्या कहा।
Updated Jul 24 2026 09:19 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
Kiran Bedi News: छात्रों द्वारा देशभर में NEET पेपर मामले को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच भारत की पहली महिला आईपीएस और पुडुचेरी की पूर्व राज्यपाल किरण बेदी ने केंद्र सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच सीधे टकराव को कैसे रोका जा सकता है, इसका सुझाव उन्होंने सोशल मीडिया X पर दो पोस्ट के माध्यम से बताया है और इस पोस्ट को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को टैग किया है।
सुरक्षा की पहली पंक्ति बने 'सिविल डिफेंस'
किरण बेदी के अनुसार, जिस तरह से सीमाओं पर बीएसएफ को तैनात किया जाता है, ठीक उसी प्रकार प्रदर्शन स्थलों पर पहली पंक्ति में सिविल डिफेंस और होमगार्ड के जवानों को तैयार किया जाना चाहिए। दंगा रोधी (रायट) पुलिस को तुरंत सामने लाने के बजाय पीछे 'स्टैंडबाय' पर रखा जाए।
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किरण बेदी का क्या है सुझाव?
- ईंट-पत्थरों से बचाव के लिए सिविल डिफेंस के पुरुष और महिला कर्मी को केवल बांस की शील्ड, बॉडी आर्मर और हेलमेट दिए जाएं, उनके पास लाठियां नहीं होनी चाहिए।
- सिविल डिफेंस कर्मी जब सामने बिना लाठी के होंगे, तो प्रदर्शनकारी छात्रों पर भी हिंसा न करने और उकसावे से बचने की जिम्मेदारी रहेगी।
- जब सिविल डिफेंस के जवान खतरे में हों या जान-माल के भारी नुकसान की आशंका हो, तभी सशस्त्र या रायट पुलिस आगे आएगी।
- इस व्यवस्था में सिविल डिफेंस के जवान एक निष्पक्ष गवाह के रूप में कार्य करेंगे, जिससे प्रदर्शन के दौरान लगने वाले एकतरफा आरोपों और बयानबाजी से छुटकारा मिलेगा।
भारत की पहली आईपीएस अधिकारी होने के अनुसार, इन तरीकों को अपनाकर पुलिस और आंदोलनकारी छात्रों के बीच होने वाले हिंसक आमने-सामने से बचा जा सकता है।