दुबई में बंधक बने बिहार के 7 युवक, वीडियो जारी कर रोते हुए लगाई मदद की गुहार
Bihar Youths Trapped in Dubai: रोजगार के नाम पर दुबई गए बिहार के 7 युवक बंधक बने। एजेंट पर डेढ़-डेढ़ लाख की ठगी और पासपोर्ट छीनने का आरोप। भूखे पेट सड़कों पर सोने को मजबूर युवाओं ने रोते हुए मदद की गुहार लगाई।
Updated Aug 20 2026 05:26 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Dubai
रोजगार की तलाश में बिहार के पूर्णिया और किशनगंज जिले से दुबई गए सात युवक बुरे तरीके से फंस गए हैं। इन्हें एक एजेंट ने मोजा (सॉक्स) फैक्ट्री में नौकरी का झांसा देकर दुबई भेजा था, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें बंधक बना लिया गया और उनका पासपोर्ट छीन लिया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट भी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें ये युवक हाथ जोड़कर और रो-रोकर भारत सरकार व स्थानीय प्रतिनिधियों से रिहाई की गुहार लगा रहे हैं।
एजेंट ने ठगे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये
पीड़ित युवकों ने बताया कि नाहिद गनी नाम के एक एजेंट ने हर युवक से करीब डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिए थे, और वह दुबई के मौजा फैक्ट्री में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। लेकिन जब ये युवक 5 अगस्त को दुबई पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि एजेंट ने उन्हें काम दिलाने के बजाय टूरिस्ट (पर्यटन) वीजा पर भेजा है।
जमीन पर सोने को मजबूर
युवकों का कहना है कि जिस कंपनी में उन्हें काम करने का झांसा दिया गया था, उसी कंपनी के लोगों ने उनके पासपोर्ट जमा करा लिए। अब उन्हें न तो नौकरी दी जा रही है और न ही खाना। युवक जो घर से थोड़े बहुत पैसे लाये, इस पैसे से कुछ दिन गुजारा हुआ, लेकिन अब पैसे पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। भरपेट खाना न मिलने के कारण सड़कों और जमीन पर भूखे पेट सोकर रातें काटने को मजबूर हैं। आरोप है कि जब उन्होंने वापस जाने या काम मांगने की बात कही, तो उनके साथ मारपीट की गई और एजेंट अब उन्हें फोन पर धमकियां दे रहा है।
कौन-कौन से युवक हैं शामिल?
फंसे हुए युवकों में किशनगंज जिले के कोचाधामन के 4 युवक और पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र के 3 शामिल हैं। इनमें से कुछ के नाम दिलफरोज आलम, नासिर आलम और रब्बान बताए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक ने शुरू की छुड़ाने की कोशिश
इन युवकों की वीडियो कॉल पर आपबीती सुन किशनगंज के कोचाधामन से पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने तुरंत संज्ञान लिया और एक वीडियो जारी कर बताया कि वे इन युवकों को भारत सुरक्षित वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं, और उन्हें जल्द रिहा कराने का प्रयास किया जा रहा है।