औरंगाबाद में दिखी इंसानियत की अनूठी मिसाल, 100 वर्षीय बुजुर्ग के निधन पर मोहल्ले ने चंदा जुटाकर कराया अंतिम संस्कार
Aurangabad News: 100 वर्षीय बुजुर्ग के निधन पर मोहल्ले वालों ने पेश की इंसानियत की मिसाल। चंदा जुटाकर कराया अंतिम संस्कार और ब्रह्मभोज की जिम्मेदारी भी उठाई।
Updated Aug 20 2026 03:20 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Aurangabad (Bihar), Bihar, India
बिहार के औरंगाबाद से इंसानियत और सामाजिक एकजुटता की एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है, जहाँ नगर थाना क्षेत्र के सदर प्रखंड अंतर्गत वार्ड नंबर 31 गंगाटी गांव निवासी राम पुकार गिरी (100 वर्षीय) का हाल ही में निधन हो गया। जब उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, तभी मदद के लिए पूरा मोहल्ला एक साथ खड़ा हो गया।
गरीबी के कारण अंतिम संस्कार पर संकट
जानकारी के अनुसार राम पुकार गिरी का पुत्र केश्वर गिरी दिहाड़ी मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का पेट पालते हैं। उनकी पत्नी भी मजदूरी में हाथ बटाती हैं, लेकिन बुजुर्ग पिता के निधन के बाद पुरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जहां उनके परिवार के पास अंतिम संस्कार कराने तक के पैसे नहीं थे।
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पूरे मोहल्ले ने निभाया पड़ोस धर्म
इस बेबसी का पता गांव वालों को चला, तो उन्होंने दुख की इस घड़ी में परिवार को अकेला नहीं छोड़ा और पूरे मोहल्ले के लोग आपस में चंदा इकट्ठा कर राम पुकार गिरी का पूरे सम्मान और रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी तय किया की दाह संस्कार के बाद होने वाले ब्रह्मभोज और अन्य धार्मिक कार्यों का खर्च भी आपस में सहयोग करके ही उठाया जाएगा।
युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर की मदद
इस नेक काम की पहल स्थानीय पत्रकार मंटू ठाकुर के नेतृत्व में हुई। उनके साथ मुकेश गिरी, राघव ठाकुर, डॉ. रूपेश कुमार, अनुज विश्वकर्मा, विकास पासवान, राजेश्वर प्रजापति और प्रदीप पासवान के साथ गांव के कई युवाओं और बुजुर्गों ने अहम भूमिका निभाई। इस काम में गांव की महिलाओं ने भी आर्थिक और सामाजिक सहयोग दिया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि संकट के समय किसी जरूरतमंद के काम आना ही सच्ची इंसानियत है। मोहल्ले के लोगों ने आश्वासन दिया है कि वे आगे भी इस परिवार को हर संभव मदद देते रहेंगे।