26 साल बाद इंसाफ: CBI के जॉइंट डायरेक्टर और रिटायर्ड ACP दोषी करार, रेड के दौरान की थी मारपीट
26 साल बाद कोर्ट ने IRS अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के हित में फैसला सुनाया है। इसके साथ ही सीबीआई के वर्तमान ज्वाइन डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस के रिटायर एसीपी को दोषी ठहराया है। पढिए पूरी खबर
Updated Apr 20 2026 09:24 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
दिल्ली की एक अदालत में शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सीबीआई के वर्तमान जॉइंट डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस की एक रिटायर एसीपी को साल 2000 में आईआरएस अधिकारी के घर अवैध छापा मारने और मारपीट कर जबरन घर में घुसने के मामले में दोषी ठहराया है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 19 अक्टूबर 2000 का है, जब सीबीआई के तत्कालीन एसपी और वर्तमान ज्वाइन डायरेक्टर रमेश गिर और दिल्ली पुलिस के रिटायर एसीपी वी.के. पांडे ने आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के पश्चिम विहार में स्थित आवास पर छापेमारी की थी।
पीड़ित के अनुसार अधिकारियों ने उनके घर का दरवाजा तोड़ा और सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट भी की थी। इसके अलावा अग्रवाल को उनके बेडरूम से सीखते हुए बाहर निकाला था और उनके परिवार कोएक कमरे में बंद कर दिया था।
News Highlights:
- कौन दोषी: CBI जॉइंट डायरेक्टर रमनीश गीर और रिटायर्ड ACP वी.के. पांडे।
- क्या था मामला: अक्टूबर 2000 में IRS अधिकारी के घर जबरन घुसना और मारपीट करना।
- कोर्ट की टिप्पणी: अधिकारियों ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग और दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया।
- सजा की तारीख: 27 अप्रैल 2026 को अदालत सुनाएगी सजा।