SBI CSP केंद्र पर ₹12,000 की हेरा-फेरी, कैमरे के सामने खुली पोल तो घबराए कर्मचारियों ने आगे कर दिया लैपटॉप

बिहार के SBI ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पर महिला के ₹12,000 की हेरा-फेरी का मामला सामने आया है। 3 महीने से चक्कर काट रही पीड़ित महिला ने जब वीडियो बनाया, तो कर्मचारियों के होश उड़ गए।

SBI CSP केंद्र पर ₹12,000 की हेरा-फेरी, कैमरे के सामने खुली पोल तो घबराए कर्मचारियों ने आगे कर दिया लैपटॉप

Updated May 18 2026 05:48 PM

Editor: Panthalassa Team | Location: Bihar, India

SBI CSP Fraud Bihar: बिहार में मिनी बैंक शाखाओं और ग्राहक सेवा केंद्रों पर ग्राहकों के साथ होने वाली बदसलूकी और लापरवाही का एक नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ग्रामीण महिला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र पर वीडियो बना रही है। महिला ने सीएसपी (CSP) शाखा के कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खाते से 3 महीने पहले ही ₹12000 निकाल लिए गए थे लेकिन लेकिन बैंक संचालक उसे पैसे देने के बजाय लगातार चक्कर कटवा रहा है।


3 महीने से काटा जा रहा था चक्कर, 9 फरवरी की है घटना

वीडियो में पीड़ित महिला ने बताया कि उनके खाते से यह राशि 9 फरवरी को ही निकाल ली गई थी। लेकिन जब महिला ने पैसे की मांग की तो पैसे देने के बजाय उसे पिछले तीन महीने से बैंक कर्मचारी बहाना बनाकर इंकार कर देते हैं। महिला ने कैमरे के सामने कहा, "तीन महीना से हम यहां घूम-घूम कर जा रहे हैं। आज देंगे, कल देंगे बोलकर हमेशा टाल दिया जाता है।" 

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वीडियो बनता देख कर्मचारियों में मची खलबली

लगातार 3 महीने से चक्कर काट रही महिला ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया और सारी बातें कैमरे पर बताने लगी। जैसे ही महिला ने वीडियो बनाना शुरू किया तो बैंक के संचालक और वहां मौजूद कर्मचारियों के तेवर अचानक बदल गए। खुद को फँसता देख और मामला सोशल मीडिया पर जाने के डर से एक कर्मचारी ने घबराकर महिला को शांत करने के लिए अपना लैपटॉप आगे बढ़ाना शुरू कर दिया ताकि वह वीडियो बनाना बंद कर दे।

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वीडियो बनाने के दौरान महिला ने प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्या बिहार में यही सुरक्षा सिस्टम है? जहां गरीबों की बैंक में उनके ही पैसे लेने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं।


मिनी बैंक शाखाओं (CSP) की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

यह ऐसा पहला मामला नहीं है जब किसी ग्राहक सेवा केंद्र पर आम जनता या कम पढ़े-लिखे ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी या अभद्रता की गई हो। अक्सर ग्रामीण इलाकों में लिंक फेल होने या ट्रांजैक्शन फंसने के नाम पर लोगों के पैसे दबा लिए जाते हैं।

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