गया में ई-चालान का अजीब खेल: सामने से नहीं, गाड़ी के पीछे की तस्वीर खींचकर काट दिया ₹1000 का सीट बेल्ट चालान

गया के बांके बाजार में पुलिस चेकिंग के बाद अजीबोगरीब मामला: कार की तलाशी लेने के बाद चालक का ₹1000 का सीट बेल्ट चालान कटा, साक्ष्य में लगी है सिर्फ कार की डिक्की की तस्वीर। पढ़ें पूरी खबर।

गया में ई-चालान का अजीब खेल: सामने से नहीं, गाड़ी के पीछे की तस्वीर खींचकर काट दिया ₹1000 का सीट बेल्ट चालान

Updated Sep 24 2026 10:18 AM

Editor: Panthalassa Team | Location: Gaya Ji, Bihar, India

बिहार पुलिस की वाहन चेकिंग और ई-चालान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला बांके बाजार थाना क्षेत्र का है, जहां 'Panthalassa News' के संचालक उत्तम राज की गाड़ी की तलाशी लेने के बाद पुलिस ने बिना किसी प्रत्यक्ष साक्ष्य के सीट बेल्ट न लगाने के आरोप में ₹1000 का ई-चालान काट दिया। हैरानी की बात यह है कि चालान के डिजिटल साक्ष्य में चालक के बजाय कार के पिछले हिस्से (डिक्की) की तस्वीर अपलोड की गई है।

जांच के बहाने रुकवाई कार, उतरने को कहा

पीड़ित उत्तम राज के अनुसार, वह किसी निजी कार्य से इमामगंज गए हुए थे। वहां से वापसी के दौरान जैसे ही वह महापुर जाने वाले रास्ते की ओर मुड़े, बांके बाजार थाने की पुलिस टीम ने चेकिंग के नाम पर उनकी कार रुकवाई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें वाहन से नीचे उतरने का निर्देश दिया। उत्तम राज ने बताया कि वह नियमित रूप से सीट बेल्ट लगाकर ही ड्राइविंग कर रहे थे, लेकिन पुलिस के कहने पर जांच में सहयोग करने और डिक्की खोलने के लिए उन्होंने सीट बेल्ट हटाई और नीचे उतरे।

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पुलिस ने पूरी गाड़ी की सघन तलाशी ली और डिक्की की भी जांच की। सब कुछ सामान्य पाए जाने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे जाने की अनुमति दे दी।

8 किलोमीटर दूर पहुंचते ही मोबाइल पर आया चालान का मैसेज

उत्तम राज जब चेकिंग पॉइंट से लगभग 8 किलोमीटर आगे निकल चुके थे, तब अचानक उनके मोबाइल फोन पर ई-चालान कटने का एसएमएस नोटिफिकेशन प्राप्त हुआ। संदेश में मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीट बेल्ट न लगाने का आरोप लगाते हुए ₹1000 का जुर्माना दर्ज था।

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साक्ष्य में चालक नहीं, गाड़ी के पिछले हिस्से की तस्वीर

उत्तम राज ने बिहार पुलिस की इस कार्यप्रणाली को घोर लापरवाही और मनमानी करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वह वास्तव में सीट बेल्ट का उल्लंघन कर रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें मौके पर ही रोककर इसकी जानकारी क्यों नहीं दी और सामने से उनकी तस्वीर क्यों नहीं खींची?

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चालान पोर्टल पर उपलब्ध साक्ष्य को देखने पर पता चलता है कि पुलिस द्वारा अपलोड की गई तस्वीर में केवल कार के पिछले हिस्से और नंबर प्लेट का दृश्य है। इस तस्वीर से यह किसी भी तरह प्रमाणित नहीं होता कि वाहन चलाते समय चालक ने सीट बेल्ट बांधी थी या नहीं।

"पुलिस जांच के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। जब मुझे कार से उतरने के लिए कहा गया, तब स्वाभाविक रूप से मैंने सीट बेल्ट हटाई थी। अगर कोई नियम उल्लंघन था, तो मौके पर बताते। पीछे से गाड़ी की फोटो खींचकर सीट बेल्ट का चालान बना देना पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और पुलिस की मनमानी कार्यशैली को दर्शाता है।"
— उत्तम राज, संचालक, Panthalassa News

मामले को लेकर क्षेत्र में पुलिस की ई-चालान व्यवस्था पर चर्चा तेज है कि क्या तकनीक का इस्तेमाल नियमों के पालन के लिए हो रहा है या बिना ठोस साक्ष्य के चालान का लक्ष्य पूरा करने के लिए। पीड़ित ने मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष ले जाने और वर्चुअल कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

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