क्या आप जानते हैं हनुमान जी के भी थे 5 सगे भाई? जानें ब्रह्मांड पुराण का यह अद्भुत रहस्य
Hanuman ji brothers names: हनुमान जी अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे? ब्रह्मांड पुराण के अनुसार हनुमान जी के 5 सगे भाई थे। जानें उनके नाम और यह भी कि तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में उनकी चर्चा क्यों नहीं की।
Updated May 02 2026 04:28 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: India
हनुमान जी को सबसे पूजनीय देवताओं में से एक माना जाता है। इन्हें श्री राम के परम भक्त के रूप में भी लोग जानते हैं। कहा जाता है कि हनुमान जी की पूजा करने से सारी कष्ट बाधाएं दूर होती है इसी वजह से इनका नाम संकटमोचन भी रखा गया है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र नहीं थे बल्कि उनके कई और भी भाई थे। जिसकी जिक्र रामायण या रामचरितमानस में कहीं नहीं मिलती है लेकिन अन्य पुराणों से जुड़ी कहीं ऐसी बातें हैं जिससे यह साबित होता है कि हनुमान जी के और भी भाई थे।
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हनुमान जी के कितने भाई थे और उनका नाम क्या था?
ब्रह्मांड पुराण के अनुसार हनुमान जी के पांच सगे भाई थे। जिनका नाम मतिमान, श्रुतिमान,केतुमान,गतिमान और धृतिमान था। हनुमान जी अपने सभी भाइयों में सबसे बड़े थे। ग्रंथो के अनुसार सभी भाइयों ने अपना जीवन गृहस्थ के रूप में बिताया था और उन्होंने विवाह भी किए थे लेकिन हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी के रूप में अपने जीवन बिताया था।
रामचरितमानस में क्यों नहीं मिलता है हनुमान जी के भाइयों का उल्लेख?
कई सारे लोगों के मन में सवाल आता है कि अगर हनुमान जी के पांच भाइयों का उल्लेख रामचरितमानस में क्यों नहीं मिलता है? आपको बता दूँ की रामचरितमानस का मुख्य रूप से श्री राम सीता लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न और उनके भक्तों के चरित्र के आधार पर बनाया गया है। तुलसीदास द्वारा रचित इस रामायण में उनके पारिवारिक जीवन या वंशावली के बारे में कोई भी चर्चा नहीं की गई है।