मां बगलामुखी जयंती 2026: शत्रुओं पर विजय और संकटों से मुक्ति दिलाती हैं 'पीतांबरा', जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
Baglamukhi Jayanti Date and Time: 24 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी मां बगलामुखी जयंती। जानें शत्रुओं पर विजय और कानूनी संकटों से मुक्ति दिलाने वाली पीतांबरा माता की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि।
Updated Apr 23 2026 10:53 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
Maa Baglamukhi Jayanti 2026: कल यानी की 24 अप्रैल 2026 को देशभर में मां बगलामुखी जयंती मनाई जाएगी। मां बगलामुखी 10 महाविद्याओं में से आठवीं विद्या मानी जाती है, उन्हें पीतांबरा के नाम से भी लोग जानते हैं। मान्यता है कि वैशाख शुक्ल पक्ष के अष्टमी तिथि को ही मां बगलामुखी प्रकट हुई थी।
शत्रु बाधा और कोर्ट-कचहरी के मामलों में रामबाण है साधना
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मां बगलामुखी का पूजा विशेष रूप से अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और वाद-विवाद में जीत हासिल करने के लिए की जाती है। कहां जाता है की मां बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। उनकी पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल, पीला चंदन और पीली हल्दी का उपयोग किया जाता है। भक्तों को सलाह दिया जाता है कि बगलामुखी मां का पूजा करते समय पीले वस्त्र धारण करके माता का आराधना करें।
शुभ मुहूर्त (24 अप्रैल 2026)
| शुभ मुहूर्त: 24 अप्रैल 2026 | |
|---|---|
| अष्टमी तिथि प्रारंभ | 23 अप्रैल 2026 (देर रात) |
| अष्टमी तिथि समापन | 24 अप्रैल 2026 (शाम तक) |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:15 बजे से 03:08 बजे तक |
| विशेष टिप्पणी | साधना के लिए उत्तम समय |
राजनीति और न्याय से जुड़े लोगों के लिए खास महत्व
माना जाता है कि राजनीतिक में सफलता और कानूनी जटिलताओं से मुक्ति के लिए बांग्लामुखी साधना किया जाता है। जो लोग राजनीतिक में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं या कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं तो उनके लिए यह पूजा बेहद प्रभावशाली माना जाता है।