सूर्य नगरी देव कब और क्यों मनाया जाता है यह देव सूर्य महोत्सव?, जानें इसका महत्व और इतिहास

औरंगाबाद के देव में आयोजित होने वाले 'देव सूर्य महोत्सव' का इतिहास और महत्व जानें। आखिर अचला सप्तमी से क्या है इसका संबंध और क्यों जुटती है यहाँ देश भर की हस्तियां?

सूर्य नगरी देव कब और क्यों मनाया जाता है यह देव सूर्य महोत्सव?, जानें इसका महत्व और इतिहास

बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित देव सूर्य नगरी में हर साल देव सूर्य महोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव में न केवल स्थानीय कलाकार आते हैं बल्कि देश के नाम से हस्तियों की भी प्रस्तुति होती है। इस महोत्सव को जिलावासी बड़े धूमधाम के साथ करते हैं।


क्यों मनाया जाता है यह महोत्सव?

देव सूर्य महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष माघ शुक्ल पक्ष के सप्तमी के आसपास किया जाता है। इसे मनाने के पीछे कई धार्मिक और सांस्कृतिक कारण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अचला सप्तमी के दिन ही भगवान सूर्य का जन्म हुआ था। इसी पावन तिथि को यादगार बनाने के लिए औरंगाबाद के देव में इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस महोत्सव को मनाने का दूसरा मुख्य उद्देश्य देव और मंदिर के महत्ता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना और बिहार के स्मृति लोक कला संस्कृति को बढ़ावा देना है।