भारत में ब्रह्मा जी का सिर्फ एक ही मंदिर क्यों है? जानिए पुष्कर और सावित्री के श्राप का रहस्य

भारत में ब्रह्मा जी का सिर्फ एक ही मंदिर क्यों है? जानिए पुष्कर और सावित्री के श्राप का रहस्य

Feb 09 2026 08:35 am

Editor: Panthalassa Team | Location: Rajasthan, India

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हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओं की मान्यता है, और इन देवताओं की देश के कोने-कोने में मंदिर मौजुद है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, कि जिस देवता ने इस पूरी सृष्टि की रचना की, यानि भगवान ब्रह्मा जी उनका पूरा दुनिया में पूजा जाने वाला सिर्फ एक ही प्रमुख मंदिर है जो राजस्थान के पुष्कर में स्थित है आखिर क्या है, भगवान ब्रह्मा जी की पौराणिक रहस्य और उनकी पत्नी का क्रोध आईए जानते हैं पुष्कर मंदिर की पूरी कहानी

पुष्कर मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित पुष्कर झील के किनारे है लोगों द्वारा माना जाता है कि यह मंदिर 2000 साल से भी ज्यादा पुराना है, हालांकि इसके वर्तमान संरचना 14वीं शताब्दी में की गई थी इस मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बहुत ही बड़ा मेला लगता है जहां देश-विदेश से श्रद्धालु लोग शामिल होते हैं, पत्थर और संगमरमर से बने पुष्कर मंदिर के शिखर पर हंस बना हुआ है

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ब्रह्मा की पत्नी के श्राप की कहानी

प्रचलित लोककथाओं के अनुसार ब्रह्मा जी पुष्कर में संसार की भलाई के लिए एक महायज्ञ का आयोजन किए थे हिंदू धर्म में किसी भी विवाहित पुरुष अपनी पत्नी के बिना यज्ञ में बैठना निषेध है लेकिन यज्ञ का शुभ मुहूर्त निकालता जा रहा था लेकिन ब्रह्मा जी की पत्नी देवी सावित्री वहां समय पर नहीं पहुंच पाई

मुहूर्त समाप्त होने के दर से ब्रह्मा जी ने ऋषि मुनियों और देवताओं की सलाह पर भगवान ब्रह्मा जी ने गायत्री से विवाह कर लिया और उनके साथ यज्ञ संपन्न किया जब माता सावित्री यज्ञ स्थल पर पहुंची तो उन्होंने भगवान ब्रह्मा के साथ किसी अन्य स्त्री को बैठा देखा तो उन्हें बहुत ही गहरा आघात पहुंचा और वह क्रोधित हो गए

क्रोध में जलते हुए माता सावित्री ने ब्रह्मा जी को श्राप दिया कि जो सृष्टि बनाई है, उस देवता की धरती पर कभी पूजा नहीं होगी और नहीं तुम्हारा कोई मंदिर होगा कुछ देर बाद माता सावित्री की गुस्सा शांत और अन्य देवताओं ने उनसे विनती की तो उन्होंने श्राप में थोड़ा बदलाव किया और कहा कि उनका सिर्फ पुष्कर में ही पूजा होगी, यदि इसके अलावा कोई इनका मंदिर बनाया तो उसका विनाश हो जाएगा यही वजह है कि भगवान ब्रह्मा की पूजा सिर्फ पुष्कर में की जाती है यह मंदिर दुनिया में प्रसिद्ध है, और पास में ही एक पहाड़ि जहां सावित्री माता का भी मंदिर है जो आज भी वहां से ब्रह्मा जी के लिए मंदिर पर नजर रखती है