Hanuman Jayanti 2026 Date: आरती कीजै हनुमान लला की संपूर्ण लिरिक्स हिंदी में | Hanuman Aarti Lyrics In Hindi | जानें विधि और लाभ
Shri Hanuman Ji Ki Aarti: यहाँ पढ़ें संपूर्ण हनुमान आरती हिंदी में। जानें आरती का समय, पूजा विधि और कैसे हनुमान जी की कृपा से दूर होते हैं सभी संकट और शनि दोष।
Apr 02 2026 12:59 am
Editor: Panthalassa Team | Location: India
आज यानी की 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती है इसी दिन अंजनी पुत्र हनुमान का जन्म हुआ था। पूरे साल इंतजार करने के बाद चैत मास के पूर्णिमा के दिन यह जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस पावन पर्व के अवसर पर हमने आपके लिए नीचे हनुमान जी के आरती दी है, जिसे पढ़कर या गाकर आप अपना पूजा संपन्न कर सकते हैं। इसके अलावा हमने हनुमान जी की आरती गाने के लाभ और आरती की विधि भी बताई है।
आरती: कीजै हनुमान लला की (Hanuman Ji Ki Aarti Hindi Lyrics)
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई।
संतन के प्रभु सदा सहाई॥
आरती कीजै हनुमान लला की...
दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जारि सिया सुधि लाए॥
लंका सो कोट समुद्र-सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई॥
लंका जारि असुर संहारे।
सियारामजी के काज सवारे॥
आरती कीजै हनुमान लला की...
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
आनि संजीवन प्राण उबारे॥
पैठि पाताल तोरि जम-कारे।
अहिरावण की भुजा उखारे॥
बाएं भुजा असुरदल मारे।
दाहिने भुजा संतजन तारे॥
आरती कीजै हनुमान लला की...
सुर नर मुनि आरती उतारें।
जय जय जय हनुमान उचारें॥
कंचन थार कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजना माई॥
जो हनुमान जी की आरती गावे।
बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
विषय (Topic)
महत्वपूर्ण जानकारी (Key Details)
आरती की सही विधि
स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनें, घी या कपूर का पंचमुखी दीपक जलाएं और शांति से आरती गाएं।
आरती का समय
हनुमान जयंती पर सुबह और शाम, दोनों समय आरती करना शुभ होता है।
नकारात्मकता का नाश
आरती करने से घर की बुरी शक्तियां और वास्तु दोष दूर हो जाते हैं।
शनि दोष निवारण
शनि की साढ़ेसाती और ढैया से परेशान लोगों के लिए यह आरती रामबाण है।
मुख्य लाभ
आत्मविश्वास में वृद्धि, भय से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति।
हनुमान जी की आरती करने की सही विधि (Sahi Vidhi)
हिंदू धर्म में आरती केवल शब्द नहीं बल्कि ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव होता है। इसलिए हनुमान जी की सारथी को करते समय नीचे दिए गए नियम का पालन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- शुद्धता का ध्यान: आरती करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र का धारण करें अगर संभव हो तो लाल या पीले कलर का वस्त्र पहने।
- दीपक का चयन: हनुमान जी की आरती करने के लिए घी का दीपक या कपूर का उपयोग करना उत्तम माना जाता है। पांच मुखी दीपक में रुई की पांच बत्तियां जालना अत्यंत शुभ होता है।
- आरती की दिशा: हनुमान जी की आरती करते समय मुख्य रूप से यह ध्यान रखना है की सबसे पहले उनके चरण के पास 4 बार, नाभि के पास 2 बार और अंत में मुख मंडल के पास 7 बार आरती उतारने चाहिए। आरती के थाली को बजरंगबली की प्रतिमा के सामने गोल घुमायें।
- एकाग्रता और भाव: बजरंगबली की आरती करते समय मन को बिल्कुल शांत रखें और संकटमोचन हनुमान जी का ध्यान करते रहे।
- पुष्पांजलि: आरती समाप्त होने के बाद शंख बजायें और भगवान को पुष्प अर्पित करके प्रणाम करें।
हनुमान जी की आरती करने के चमत्कारिक लाभ (Hanuman Aarti Benefits in Hindi)
नियमित रूप से हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की का गान करने से निम्नलिखित चमत्कारी लाभ प्राप्त होते हैं।
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश: घर में हनुमान जी की आरती करने से बुरी शक्तियों और नकारात्मकता दूर भागती है इससे घर में सुख शांति बनी रहती है।
- भय और तनाव से मुक्ति: जो व्यक्ति नियमित रूप से अंजनी पुत्र हनुमान जी का आरती करता है उसे बुरे सपने, अकारण भय और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है।
- शनि दोष से राहत: ज्योति शास्त्र के अनुसार बजरंगबली का आराधना करने से शनि देव का प्रभाव कम होता है।
- रोग और कष्टों का निवारण: हनुमान जी के आरती में दी गई पंक्तियों "रोग दोष जाके निकट न झांके" यह स्पष्ट करती है की सच्ची मन से भक्ति और आराधना करने से रोगों की मुक्ति मिलती है।
