मामूली विवाद ने ली भाई की जान, सदमे में मां ने भी तोड़ा दम, एक साथ उठीं दो अर्थियां

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक साथ उठा माँ और बेटे की अर्थी। अगरबत्ती दिखाने को लेकर दो भाइयो में शुरू हुआ था विवाद। पढ़ें पूरी खबर।

मामूली विवाद ने ली भाई की जान, सदमे में मां ने भी तोड़ा दम, एक साथ उठीं दो अर्थियां

Updated Apr 11 2026 12:45 PM

Editor: Panthalassa Team | Location: Muzaffarpur, Bihar, India

Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने लोगों के मानवीय संवेदनाओ को झकझोर दिया है। बोचहां थाना क्षेत्र के करणपुर दक्षिणी पंचायत में अगरवती दिखाने को लेकर दो भाइयों के बीच हुई झड़प में एक मूक-बधिर भाई की जान चली गई। बेटे की मौत का गम सहन न कर पाने के कारण मां का निधन हो गया।


अगरबत्ती दिखाने को लेकर हुआ विवाद, मूकबधिर भाई की मौत

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक माता पुकारी देवी (65 वर्ष) के चार पुत्र थे, जिनमें से दो दिल्ली में मजदूर के रूप में काम करते हैं। हाल ही में, एक पुत्र चंद्रमणि अपनी माता की देखभाल के लिए घर लौटा था। शुक्रवार को, वह अपनी बीमार माता को अगरवती दिखाने जा रहा था, तभी चंद्रमणि और मनोज के बीच विवाद हो गया। 

Read: स्कूल हॉस्टल में 5 साल के मासूम की नृशंस हत्या, गार्ड ने हवस और गुस्से में उजाड़ा मां की गोद का चिराग


विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों भाइयों के बीच हाथापाई हो गई। यह देखकर मूक-बधिर भाई रामबाबू साहनी झगड़ा शांत कराने के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान उन्हें धक्का लगा और वे बेहोश हो गए। और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही रामबाबू की मृत्यु हो गई।


मां ने भी त्यागे प्राण

जैसे ही शव घर महुचा तो कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही तब ही बीमार माँ ने अपने लाडले बेटे के बियोग सहन नहीं कर सकी और उन्हने भी प्राण त्याग दिया। माँ और बेटे की इस मौत से पुरे गांव में सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों के अनुसार मृतक रामबाबू ह्रदय रोग से पीड़ित थे, फ़िलहाल घर में पंचायत बुलाकर विवाद न करने की सलाह दी गई है।