पानी की टंकी पर 15 घंटे फंसे रहे दो बच्चे, भारतीय वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से किया सुरक्षित रेस्क्यू

सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी पर 15 घंटे से फंसे दो बच्चों को भारतीय वायुसेना (IAF) ने Mi-17 हेलीकॉप्टर से सुरक्षित रेस्क्यू किया।

पानी की टंकी पर 15 घंटे फंसे रहे दो बच्चे, भारतीय वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से किया सुरक्षित रेस्क्यू

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में शनिवार को एक पानी टंकी पर सीढ़ी टूट जाने से दो लड़के फंस गए, जिनको रविवार सुबह के समय Indian Air Force ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। दोनों बच्चे लगभग 15 घंटे से पानी टंकी के ऊपर फंसे हुए थे, जिसकी सूचना नजदीकी थाने को दी गई और मामले को गंभीरता से लेते हुए वायुसेवा के Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर हवा में लहराते हुए दोनों बच्चों को एयरलिफ्ट किया है।


कैसे हुआ हादसा?

यह घटना सिद्धार्थनगर के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत काशीराम आवास कॉलोनी की है, जहां पर शनिवार की दोपहर करीब 3:00 बजे 5 बच्चे पुरानी और जर्जर टंकी के ऊपर चढ़ गए। इसी दौरान लोहे की सीढ़ी अचानक से टूट गई। सीढ़ी गिरने से तीन बच्चे नीचे गिर गए, जिनमें से 13 वर्षीय सिद्धार्थ की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी दो अन्य बच्चे गोलू (14 वर्ष) और शनि (11 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं और दो बच्चे पवन 17 वर्ष और कल्लू (17 वर्ष) टंकी के ऊपरी हिस्सा में ही फंसे रहे, जिन्हें वायुसेवा की मदद से रेस्क्यू किया गया।


रात भर चला स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू का प्रयास

मिली जानकारी के अनुसार पानी टंकी की सीढ़ी टूट जाने के कारण दोनों बच्चों को नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा था। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने हाइड्रोलिक लैडर मंगवाकर उन्हें नीचे उतरने की उन्हें कोशिश की, लेकिन टंकी की ऊंचाई अधिक होने के कारण कोई भी सफलता नहीं मिली। पूरी रात बच्चे करीब 100 फीट की ऊंचाई पर दहशत में रहे।


वायुसेना का 'मिशन लाइफ सेविंग'

हालात को गंभीरता से देखते हुए जिलाअधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने राज्य सरकार के माध्यम से भारतीय वायु सेवा की मदद मांगी, जिसके बाद अगले दिन सुबह रविवार को करीब 5:00 बजे प्रयागराज के सेंट्रल एयर कमांड से वायुसेवा का Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा।

जवानों ने बेहद ही सटीक तालमेल दिखाते हुए विंच की मदद से कमांडो को पानी टंकी पर उतारा और दोनों बच्चों को सुरक्षित हेलीकॉप्टर में खींच लिया गया। रेस्क्यू के बाद हेलीकॉप्टर सीधे गोरखपुर एयरबेस पर लैंड हुआ, जहां बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।