पैंथालासा क्या है? दुनिया के इकलौते विशाल महासागर का रहस्य | Panthalassa Ocean History
क्या आप जानते हैं करोड़ों साल पहले धरती पर केवल एक ही महासागर था? जानें 'पैंथालासा' (Panthalassa) के बारे में, जिसने 'पैंजिया' को घेरा हुआ था। कैसे इसका नाम पड़ा और क्यों इसे आज के प्रशांत महासागर का पूर्वज कहा जाता है।
Updated May 01 2026 03:13 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
आज हम दुनिया के नक्शे पर पांच अलग-अलग महासागर प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, आर्कटिक और दक्षिणी महासागर के बारे में पढ़ते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों साल पहले हमारा धरती बिल्कुल ऐसा नहीं था। उस समय धरती पर केवल एक ही महासागर था जिसे पैंथालासा (Panthalassa) कहा जाता था।
जिसे आज के समय में पैंथालैसिक महासागर के नाम से भी जाना जाता है। धरती पर केवल एक हिस्से में जल और एक हिस्से में भूमि थी, पानी वाले हिस्से को पैंथालासा और भूमि वाले हिस्से को पैंजिया (Pangea) कहते थे।
कैसे पड़ा इसका नाम?
पैंथालसा शब्द को ग्रीक भाषा से लिया गया है जहाँ Pan का अर्थ है 'सब' (All) और 'Thalassa' का अर्थ है 'समुद्र' (Sea) होता है। यानी कि सभी समुद्री का संगम। इसकी खोज और नामकरण जर्मन वैज्ञानिक अल्फ्रेड वेगेनर ने किया था।
पैंथालसा का आधुनिक रूप: प्रशांत महासागर का पूर्वज
वैज्ञानिकों के अनुसार आज प्रशांत महासागर ही पैंथालसा का अवशेष है। जैसे-जैसे टेक्टोनिक प्लेट्स टूटना शुरू हुआ वैसे-वैसे ही पैंथालसा का आकार छोटा होता गया और नए महासागर का जन्म हुआ। यह धरती का सबसे बड़ा महासागर था जो पृथ्वी को लगभग 70% तक ढका हुआ था।