भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा एक्शन, CM सम्राट चौधरी ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण के पुलिस एनकाउंटर मामले में सीएम सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है।
Updated Jun 21 2026 05:28 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: Bhojpur, Bihar, India
बिहार के भोजपुर ज़िले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। इस घटना को लेकर सरकार में शामिल भाजपा और जदयू के नेताओं ने बड़े-बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं, इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की न्यायिक जांच के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिसका कमान हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) जज को सौंपी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले में बढ़ते राजनीतिक तनाव और जनता के गुस्से को देखते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर न्यायिक जांच का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि, भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
अपनों ने ही उठाए सवाल
भरत तिवारी के मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित एनकाउंटर का वीडियो वायरल हुआ, जिसने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे ने इस घटना को सीधे तौर पर हत्या बताया है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और सूबे के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता असित नाथ तिवारी ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकार को घेरा।
क्या है मामला
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत भूषण तिवारी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो पोस्ट कर पुलिस प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहा था। एक वीडियो में उसने अवैध पिस्टल लहराते हुए एसडीएम को जान से मारने की धमकी दी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए मंगलवार को गिरफ्तारी के लिए उसके घर पहुंचे, जहां उसने पुलिसकर्मियों पर ही पिस्टल तान दी और फायरिंग कर दी, जिसमें पुलिसवाले बाल-बाल बचे। बुधवार की सुबह भोजपुर एसटीएफ (STF) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर उसे चारों तरफ से घेर लिया। दोनों तरफ से गोलीबारी में भरत गंभीर रूप से घायल हो गया, इसे इलाज के लिए पटना पीएमसीएच ले जाया गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
अब तक क्या हुआ एक्शन?
मामला को गंभीरता से देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत एक्शन लिया है। और शाहपुर के थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।