अंधविश्वास की वेदी पर चढ़ी मासूम: झारखंड में मां ने तांत्रिक के कहने पर की 13 वर्षीय बेटी की 'नरबलि'

झारखंड के हजारीबाग जिले में अंधविश्वास हीरो कपा देने वाली घटना सामने आई है। जहां मां ने बीमार बेटे को ठीक करने के लिए तांत्रिक के साथ मिलकर अपने ही 13 वर्षीय बेटी को बली देती। पढ़े पूरी ख़बर।

अंधविश्वास की वेदी पर चढ़ी मासूम: झारखंड में मां ने तांत्रिक के कहने पर की 13 वर्षीय बेटी की 'नरबलि'

Apr 03 2026 03:01 pm

Editor: Panthalassa Team | Location: Hazaribag, Jharkhand, India

  • Download
  • no image
  • no image

Hazaribagh (Jharkhand): तकनीकी और विज्ञान के इस दौर में अंतर अंधविश्वास के जड़ बहुत ही गहरी है। इसी का एक रूह कपा देने वाली उदाहरण झारखंड के हजारीबाग जिले से सामने आई है। जहां एक मां ने अपने बीमार बेटे को ठीक करने के लिए अपने ही 13 साल की मासूम बेटी को मौत के घाट उतार दी। इस शर्मनाक अपराध ने न केवल मानवता को कलंकित किया है, बल्कि झारखंड उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करने के लिए भी मजबूर किया है।


बीमार बेटे के लिए बेटी की हत्या

यह घटना हजारीबाग के कुसुमभा गांव की है। जहां एक महिला रेशमी देवी ने लंबे समय से रह रहे बीमार बेटे को लेकर मानसिक रूप से तनाव में थी। इसी का फायदा उठाते हुए गांव का ही एक तांत्रिक महिला शांति देवी ने रेशमी को विश्वास दिलाया कि, यदि वह एक कुंवारी कन्या को बली देगी तो उसका बेटा पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। इसी दौरान मां ने अंधविश्वास में आकर अपने ही बेटी को मौत का घाट उतारने की साज़िश रची


नवरात्र की अष्टमी को दिया वारदात को अंजाम

जानकारी के अनुसार इस खौफनाक हत्याकांड का अंजाम 24 मार्च यानी नवरात्रि की अष्टमी रात को दिया गया। जब पूरा गांव रामनवमी के जश्न और मंगल जुलूस में व्यस्त था। तब शांति देवी ने घर पर तांत्रिक को बुलाकर बच्ची की गला घोट कर हत्या कर दी। इस घटना में भीमराव नामक एक सहयोगी ने भी साथ दिया है। और साक्ष्य को मिटाने के लिए बच्ची को पास के बगीचा में जाकर दफना दिया।


पुलिस को गुमराह करने की कोशिश नाकाम

इस करतूत को छिपाने के लिए तांत्रिक और मां ने खुद पुलिस के पास जाकर दुष्कर्म और अपहरण का झूठी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन और उनके टीम को बयान के आधार पर कुछ विरोधाभास लगा और फोरेंसिक साक्ष्यों ने आरोपियों के झूठ का पर्दाफाश किया। साथ ही पुलिस के इस कढ़ाई जांच से मां तांत्रिक और सहयोगी ने तुरंत अपना जुर्म कबूल किया। जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।