बेगूसराय में महिला से दरिंदगी, गैंगरेप के बाद प्राइवेट पार्ट में डाली जिंदा कारतूस और पत्थर
Begusarai Gangrape Case: बेगूसराय में दिल दहला देने वाली वारदात। दरिंदोंं ने महिला से गैंगरेप के बाद प्राइवेट पार्ट में डाली जिंदा गोली और पत्थर। पुलिस और डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही आई सामने।
Updated Jun 20 2026 12:53 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: Begusarai, Bihar, India
बिहार के बेगूसराय जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 28 वर्षीय शादीशुदा महिला को 5 दरिंदों ने बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने न सिर्फ़ रेप किया, बल्कि उस पर ब्लेड से हमला भी किया और उसके प्राइवेट पार्ट्स में एक ज़िंदा कारतूस, एक पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा डाल दिया। इस घटना का मामला 6 दिन बाद उजागर हुआ, जब महिला असहनीय दर्द से तड़पती दोबारा अस्पताल गई और डॉक्टरों ने सर्जरी कर के उसके शरीर से ये चीजें बाहर निकालीं।
पति को कमरे में बंद कर दिया वारदात को अंजाम
पीड़िता के बयान के आधार पर यह घटना 11 जून की रात 11:30 बजे की है। जब महिला घर से बाहर टॉयलेट के लिए निकली, तो पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसके घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि अंदर मौजूद उसका पति बाहर ना आ सके और न किसी से मदद मांग सके। इसके बाद आरोपियों ने महिला को चिल्लाने से रोकने के लिए मुंह को साड़ी से कसकर बंद कर दिया और ब्लाउज फाड़ कर हाथ-पैर बांध, उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर पांचों दरिंदों ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। हैवानियत यहीं नहीं रुकी, बल्कि बदमाशों ने ब्लेड से महिला के सीने और जांघों पर कई वार किए और प्राइवेट पार्ट में बाहरी चीजें ठूंस दीं। जब महिला बेहोश हो गई, तब आरोपी उसे घर के बाहर फेंक कर फरार हो गए।
ननद ने आकर खोली दरवाजा
जब महिला होश में आई तब वह कराहना शुरू कि, तो घर के अंदर बंद पति ने उसकी आवाज सुनी। लेकिन बाहर से कुंडी बंद होने के कारण उसने तुरंत अपनी छोटी बहन के पास फोन कर बुलाया, जिससे ननद मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोली। पीड़िता को गंभीर हालत में तुरंत बरौनी अस्पताल और फिर बेगूसराय सदर अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस और डॉक्टरों की घोर लापरवाही
इस दिल दहला देने वाली मामला में स्थानीय चकिया पुलिस और शुरुआती इलाज करने वाले डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने मामूली दर्द मानकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन महिला लगातार अंदरूनी अंगों में तेज दर्द की शिकायत कर रही थी, फिर भी डॉक्टरों ने उसे 12 जून की शाम को ही उसे जबरन अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया।
13 जून को आई मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हो चुकी थी, इसके बावजूद भी चकिया पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की और पीड़िता के बयान को नजरअंदाज करते हुए एक मामूली मारपीट का केस दर्ज किया गया।
6 दिन बाद दोबारा जांच हुई
महिला को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी दर्द कम नहीं हुआ और हालत बिगड़ती चली गई। 17 जून को वह दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाई और बेहोश हो गई, जिसके बाद घर वाले उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गहनता से जांच की तो महिला के प्राइवेट पार्ट के अंदर ठोस चीजें फ़सी हुई थी। जब डॉक्टरों ने इमरजेंसी सर्जरी की तो 18 जून को महिला के प्राइवेट पार्ट से एक जिंदा कारतूस, एक पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा बाहर निकला।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज
मामले को देखते हुए डीएसपी आनंद कुमार पांडे ने बताया की पीड़िता के बयान पर मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है और इसके साथ गैंगरेप को साधारण मारपीट दिखाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।