TMC में बड़ी बगावत? 20 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से की मुलाकात, NDA के साथ काम करने का किया दावा
TMC के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग बैठने की मांग की। सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने NCP में विलय और NDA के साथ काम करने का दावा किया।
Updated Jun 14 2026 09:31 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Kolkata, West Bengal, India
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ा एक राजनीतिक वीडियो सामने आया है। जिसमें पार्टी के सांसदों के एक समूह ने आज (रविवार को) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की और लोकसभा में अलग बैठने की अनुमति मांगी है।
इस मुलाकात के बाद टीएमसी के सांसद काकोली घोष दस्तीदार मीडिया से बात करते हुए बताया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से चुने गए 20 सांसदों ने स्पीकर को एक पत्र सौंपा है। जिसके अनुसार ये सांसद पार्टी की लोकसभा में कुल संख्या के दो-तिहाई से अधिक हैं।
काकोली घोष दस्तीदार (Kakoli Ghosh Dastidar) ने कहा कि हम, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) से निर्वाचित 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग बैठने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। ये 20 सांसद हमारी कुल संख्या के दो-तिहाई से अधिक हैं।
Rebel TMC MPs met Lok Sabha Speaker Om Birla at his residence, in Delhi today
After meeting him, Rebel TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar said, "We, the twenty MPs elected from the AITC, met the Speaker and submitted a letter requesting to sit separately; these twenty MPs constitute… pic.twitter.com/HTFttYCXdm
हमने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी (NCP) में विलय का फैसला किया है। उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि नया समूह देशहित में काम करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मिलकर आगे बढ़ेगा।
क्या बदल जाएंगे लोकसभा के समीकरण?
अगर सांसदों का यह दावा आधिकारिक तौर पर यदि यह दावा स्वीकार कर लिया जाता है तो इसका असर सीधे लोकसभा में टीएमसी की ताकत पर पड़ सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे संसद में विपक्षी दलों की रणनीति और संख्या बल दोनों प्रभावित होने की संभावना है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी का पक्ष आने के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर पूरा मामला क्या है।