1 नवंबर से बदल गया कॉलिंग का तरीका: 4G और 5G यूजर्स के लिए सरकार लाई धांसू सर्विस, जानें फायदे
1 नवंबर से देश में कॉलिंग प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा शुरू हो गई है। अब 4G और 5G यूजर्स के फोन पर अनजान नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर कॉलर का रजिस्टर्ड नाम दिखाई देगा। जानें यह नई सुविधा कैसे काम करेगी और इससे स्पैम व फ्रॉड कॉल्स पर कैसे लगाम लगेगी।
Updated Nov 01 2026 05:56 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
दिनांक 1 नवंबर 2026 से पूरे देश में एक बहुत ही बड़ा और अहम बदलाव होने जा रहा है। आप किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर सिर्फ कॉल करने वाले का नंबर नहीं बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को यह आदेश दिया है कि वे कॉलिंग में प्रेजेंटेशन यानी CNAP की शुरुआत करें। इससे किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान आसानी से हो जाएगी और स्पैमर्स और फ्रॉडस्टर्स कॉल से खुद का बचाव करने में काफी सहायता मिलेगी।
यह सेवा किन यूजर्स के लिए उपलब्ध की गई है?
यह सेवा 4G और 5G नेटवर्क यूज करने वाले कस्टमर्स के फोन पर डिफॉल्ट रूप में चालू की जाएगी। इसका मतलब यह है कि किसी भी यूजर को अलग से कोई भी सेटिंग करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 2G और 3G नेटवर्क यूजर्स के लिए अभी यह सुविधा चालू नहीं की गई है और इसके बारे में बाद में फैसला किया जाएगा। यह नया उपाय Truecaller जैसी थर्ड पार्टी एप्लीकेशन्स का ऑप्शन बनेगी जो फोन के भीतर ही खुद ब खुद काम करेगी।
कल से कोई भी कॉल आएगी तो 4G और 5G यूजर्स को स्क्रीन पर दो चीजें दिखाई देंगी एक तरफ कॉलर का नंबर तो अवश्य दिखेगा और दूसरी तरफ उसका नाम और अगर वह नंबर आपके कॉन्टैक्ट लिस्ट में पहले से सेव किया हुआ है तो वही सेम नाम दिखेगा।
इसके अलावा अगर कोई भी नंबर सेव नहीं है तो उस व्यक्ति का नंबर टेलीकॉम कंपनी के डेटाबेस से कॉलेज का रजिस्टर नाम दिखाया जाएगा और विदेश से आने वाली किसी भी कॉल पर इंटरनेशनल कॉल साफ-साफ लिखा हुआ दिखाई देगा।
यह सुविधा प्रोवाइड करने के लिए अब टेलीकॉम कंपनी की भी जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ चुकी है अब हर टेलीकॉम कंपनी को अपने यूजर्स के नाम और नंबर का एक बहुत ही सुरक्षित डेटाबेस बनाना पड़ेगा और जब भी कोई कॉल आएगी तो कॉल करने वाली कंपनी उस डेटाबेस से व्यक्ति का नाम लेकर आपके फोन पर डायरेक्ट भेज देगी और इसके साथ ही प्राइवेसी का भी खास ध्यान रखा गया है जिससे ग्राहक को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। जैसे ही कॉल एंड हो जाएगी तो उसके बाद उस नाम की जानकारी कहीं पर स्टोर नहीं हो पाएगी और जो लोग अपनी पहचान को गुप्त रखना चाहते हैं और CLIR जैसी सेटिंग्स को ऑन रखते हैं तो उनका नाम नहीं दिखेगा।
बिजनेस और बल्क कनेक्शन वालों को कैसे हो सकता है फायदा?
जो भी लोग बिजनेस और बल्क कनेक्शन से जुड़े हुए हैं वह यूजर्स को अपना कोई भी पसंदीदा नाम दिखा सकते हैं लेकिन यह करने के लिए उन्हें ट्रेडमार्क या GST पोर्टल पर अपना नाम रजिस्टर करवाना होगा कंपनी पूरी तरीके से दस्तावेज चेक करने के बाद ही यह करने की अनुमति दे सकती है।
कितने महीने से इस सुविधा पर काम किया जा रहा था?
यह अहम फैसला TRAI और पिछले कुछ महीनों में किए गए ट्रायल्स के बाद ही सोच समझ कर लिया गया है। ट्रायल के दौरान TRAI ने यह बात सामने रखी थी कि यूजर को यह सेवा खुद ही चालू करने दिया जाए लेकिन फिर बाद में काफी डिस्कशन के बाद इसे डिफॉल्ट ऑप्शन में पहले से ही रखने के बाद कही गई और अब कल से यानी 1 नवंबर 2026 से यह नियम सभी 4G और 5G यूजर्स के फोन में लागू हो रहा है।
इस नियम का फायदा ग्राहकों को किस रूप में हो सकता है
इसका बहुत ही बड़ा फायदा हो सकता है जैसे अनजान नंबर को देखकर कॉल उठाना चाहिए या काटना चाहिए इसका डिसीजन लेने में कम समय लगेगा और किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं होगी शॉर्ट बनने की संभावना भी कम होने क्योंकि व्यक्ति का नाम सामने आ जाएगा हालांकि कॉल शुरू होने के बाद कुछ गड़बड़ियां सामने आ सकती है लेकिन समय के साथ अव्यवस्था के अनुसार इस चीज में सुधार भी उसी हिसाब से किया जाएगा।