उज्जैन के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में देर रात क्यों हुई स्कैनिंग? BJP पार्षद ने 'चूहे-बिल्ली के खेल' पर क्या कहा
आखिर उज्जैन में खड़े हनुमान जी की मूर्ति के नीचे ऐसा क्या है, और इसे जानने के लिए रात में क्यों की गई स्कैनिंग। इस मामले को लेकर BJP के पार्षद ने क्या कहा, इसे जानने के लिए पढ़ें पूरा मामला।
Updated Oct 30 2026 08:26 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Madhya Pradesh, India
प्राप्त अपडेट के हिसाब से विशेष टेक्नोलॉजिकल उपकरणों के साथ बहुत सारे अफसरों की टीम देर रात 12:30 बजे खड़े हनुमान जी के मंदिर पहुंची। इस दौरान नगर निगम और पुलिस के भी बहुत से अफसर मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में खड़े हनुमान जी के मंदिर की प्रसिद्ध मूर्ति को लेकर एक बार फिर से लोगों के बीच चर्चाएं बहुत तेज रफ्तार से की जा रही हैं। मंदिर का मौजूदा ढांचा हटाने के लिए करीब डेढ़ महीने बाद देर रात प्रशासनिक टीम बहुत सी आधुनिक मशीनों के साथ वहां मौके पर पहुंची। वहां मौजूद टीम ने प्रतिमा और उसके आसपास के सभी छोटे-बड़े हिस्से की स्कैनिंग बहुत सख्त रूप से की और जमीन के नीचे क्या है यह पता लगाने की भी कोशिश की। इस जांच के बाद प्रतिमा को वहां से हटाने के लिए कुछ फैसले किए जाएंगे या नहीं, इस बात को लेकर प्रशासन ने अभी किसी भी स्पष्ट जानकारी की पुष्टि नहीं की है।
उपलब्ध जानकारी के हिसाब से बहुत सारे विशेष उपकरणों के साथ अधिकारियों की टीम मंदिर पर जा पहुंची थी। और साथ ही पुलिस विभाग के बहुत से अधिकारी और अफसर और नगर निगम के लोग भी उस वक्त मौजूद रहे। घंटों तक मूर्ति के आसपास सख्त रूप से जांच की और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उसके नीचे क्या स्थिति थी यह भी समझने का प्रयास किया।
BJP के पार्षद ने क्यों कहा कि चूहे-बिल्ली का खेल अब खत्म करना चाहिए
BJP के पार्षद और मंदिर से जुड़े शिवेंद्र तिवारी ने यह बताया है कि रात 12:30 बजे SDM अर्पित गर्ग के साथ भोपाल से और भी लोग आए थे। उनके साथ पुलिस और नगर निगम विभाग के बहुत से लोग भी थे। प्रतिमा की स्कैनिंग भी उनके द्वारा की गई है और वह लोग वहां पर करीब एक से डेढ़ घंटा रुके हुए भी थे। रिपोर्ट क्या आती है इसका भी कोई पता नहीं है लेकिन रात में 12:30 बजे मंदिर में आकर अचानक से मूर्ति की स्कैनिंग करना, बातें करना यह सभी बातें लोगों की समझ से बहुत दूर हैं। BJP के पार्षद ने अपील की कि उन्हें चूहे-बिल्ली का खेल खत्म करना चाहिए। प्रशासन आखिर क्या करना चाहता है इस चीज की घोषणा दे देनी चाहिए ताकि समाज को इसका पता चल सके और उनको यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार का शासन चाहता क्या है। देर रात में अचानक से नगर निगम और पुलिस को आगे करके अपनी बातों को रखना यह सब समझ से बहुत ही बाहर है।
प्रभु द्वारा किया गया एक खास इशारा
उन्होंने इसके आगे यह कहा कि आज खड़े हनुमान जी की प्रतिमा की चर्चा केवल उज्जैन की ही नहीं है, यहां पर विराजे हुए बजरंगबली देश-विदेश में भी काफी प्रसिद्ध हैं। पर यहां की प्रतिमा को लेकर प्रशासन और शासन क्या निर्णय लेता है उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है लेकिन अगर कोई भी निर्णय लिया जाता है तो वह लोगों को अवश्य बताना चाहिए। बहुत लोगों द्वारा यह भी बताया गया है कि वहां पर लाए गए सभी उपकरणों की बैटरी कुछ जगह पर खुद-ब-खुद खत्म हो गई थी, इससे अधिकारी भी काफी नाराज दिखे। और बाद में यह भी बताया गया कि प्रभु यानी हनुमान जी इशारा करते हैं और यह इशारा उन्होंने पहले भी किया था, रात के समय भी इशारा किया था, उन्होंने यह इशारा किया कि बहुत से लोग घमंड से चूर हैं। और साथ ही यह बताया गया है कि मनुष्य को यह लगता है कि वह भगवान से भी बहुत बड़ा है तो भगवान उसे सोचने-समझने की सद्बुद्धि दे। और साथ ही कहा गया कि लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और ऐसी चीजें रात में करने से बेहतर है सबके सामने दिखाकर करें, बिना किसी झिझक के करें ताकि समाज के लोगों को भी पता चल सके कि आखिर हो क्या रहा है।