मोकामा की गद्दी का असली वारिस कौन? अनंत सिंह का संन्यास और सूरजभान सिंह की RJD में एंट्री से मंचा हड़कंप
Updated Mar 19 2026 07:29 AM
Editor: Panthalassa Team | Location: Mokama
पटना/मोकामा: बिहार की राजनीतिक में छोटे सरकार के नाम से मशहूर बाहुबली नेता अनंत सिंह ने कैसा ऐलान किया है जिससे बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राज्यसभा चुनाव 2026 में वोट डालने पहुंचे अनंत सिंह ने साफ कर दिया कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे इस घोषणा के बाद सवाल उठने लगा कि मोकामा के सिंहासन पर अब किसका राज होगा।
अनंत सिंह का बड़ा ऐलान: "अब चुनाव नहीं लड़ूंगा, बेटा संभालेगा कमान"
पटना के बेऊर जेल में बंद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने हाल में ही कोर्ट के आदेश पर राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के लिए बिहार विधानसभा पहुंचे थे। वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अनंत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी भविष्य की योजना साफ कर दी है। उन्होंने कहा:
"अब हमारी उम्र हो गई है और हम जेल में हैं। अगला चुनाव हम नहीं, बल्कि हमारा बड़ा बेटा लड़ेगा।"
छोटे सरकार की इस बयान ने उत्तराधिकारी के होड पर एक मोहर लगा दी है, लोगों का कहना है किउनके जुड़वा बेटों में से बड़े बेटे अभिषेक सिंह अब मोकामा का विरासत संभालेंगे।
सूरजभान सिंह की RJD में एंट्री: क्या बदलेगा मोकामा का समीकरण?
मोकामा की राजनीतिक में असली ट्विस्ट तब आया जब पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने आरजेडी (RJD) पार्टी को ज्वाइन कर लिया। अनंत सिंह के विरोधी रहे सूरजभान सिंह का तेजस्वी यादव के साथ जाना एक बड़े राजनीतिक बदलावका इशारा कर रहा है।
- सवर्ण वोटों का गणित: मोकामा भूमिहार बहुल क्षेत्र है। अनंत सिंह और सूरजभान सिंह दोनों की इस वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है।
- NDA बनाम महागठबंधन: अनंत सिंह फिलहाल JDU (NDA) के साथ खड़े हैं, जबकि सूरजभान सिंह अब महागठबंधन की ताकत बन गए हैं।
- पुरानी अदावत: 2005 के बाद से यह पहली बार होगा जब मोकामा की धरती पर दो बड़े बाहुबली परिवारों के बीच 'आमने-सामने' की सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।
अभिषेक सिंह vs सूरजभान: युवा जोश और अनुभव की जंग
राजनीतिक के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अनंत सिंह के बड़े बेटे अभिषेक सिंह चुनावी मैदान में आते हैं तो उनके पास पिता का मजबूत कैडर और 'सिम्पैथी फैक्टर' होगा। वहीं दूसरी ओर सूरजभान सिंह के पास सांगठनिक अनुभव और RJD का नया आधार वोट होगा।
मोकामा का 'किंग' कौन?
अनंत सिंह का संन्यास सिर्फ एक नेता का हटना ही नहीं बल्कि एक युग का अंत और नई पीढ़ी की शुरुआत भी है, अब देखना यह है कि आने वाले उपचुनाव या आम चुनाव में मोकामा की जनता किसे अपना नेता चुनती है।