पाकिस्तानियों का 'Global Peacemaker' वाला ट्वीट वायरल, एक ही ड्राफ्ट को कॉपी-पेस्ट करने पर बुरी तरह हुए ट्रोल
ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच खुद को 'Global Peacemaker' बताने वाले पाकिस्तानियों की सोशल मीडिया पर बेइज्जती हो रही है। एक ही 'कॉपी-पेस्ट' ट्वीट को बार-बार शेयर करने पर यूजर्स पाकिस्तान को बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं। जानिए क्या है वो वायरल ड्राफ्ट और पीएम शहबाज शरीफ का कनेक्शन
Apr 09 2026 02:53 pm
Editor: Panthalassa Team | Location: Pakistan
Iran US ceasefire Pakistan reaction: ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीरीज फायर का क्रेडिट लेने के बोर्ड में पाकिस्तान सोशल मीडिया पर हंसी का पात्र बन रहा है। खुद को शांति दूत बताने के चक्कर में पाकिस्तानी यूज़र ने ऐसा कॉपी पेस्ट अभियान चलाया की उसकी चोरी पकड़ी गई और पोल खुल गया।
क्या है वो वायरल 'कॉपी-पेस्ट' ट्वीट?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर हजारों पाकिस्तान एक ही एक ही जैसे फॉर्मेट में ट्वीट कर रहे हैं। जिसे देखकर लोग उनका मजाक बना रहे हैं। मजेदार बात तो यह है कि कंटेंट बिल्कुल से है और लोग अपनी पसंद के हिसाब से देश का नाम बदल दे रहे हैं। कोई लंदन एयरपोर्ट की कहानी बता रहा है तो कोई तुर्की एयरपोर्ट कहानी शेयर कर रहा है।
Same day, different airports, thousands from Team 93K.
— Fazal Afghan (@fhzadran) April 8, 2026
Every single one got the same story: Officer sees passport and proudly says 'You're peacemakers of the world'
If shameless lying had any limit, they wouldn't cross it so easily. 😂 pic.twitter.com/gfbUmVhqQ2
इंटरनेट पर क्यों उड़ रहा है मजाक?
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह ड्राफ्ट ट्यूब वायरल हुआ नेटिजन्स ने पाकिस्तानियों को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। और लोग उन्हें याद दिलाने वालों की पाकिस्तानी पासपोर्ट दुनिया की सबसे निचले पैदानों पर आता है जहां इमीग्रेशन पर अक्सर कड़ी पूछताछ होती है। ट्रोलर्स भी जमकर मजे ले रहे हैं उनका कहना है कि जिस देश के जनता के पास ट्रेन के टिकट के भी पैसे नहीं है वह अचानक इतना अमीर कैसे हो गए कि लोग विदेश पहुंचने लगे।
PM शहबाज शरीफ ने शुरू किया था 'ड्राफ्ट' का खेल?
इस विवाद की शुरुआत सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक ट्वीट से हुई। अमेरिका-ईरान के तनाव पर किए गए ट्वीट को लेकर बताया जा रहा है कि वह पहले से तैयार एक टेंपलेट जैसा था। यूज़र ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पीआर मशीनरी एक्टिव हो गई है जो जनता के बीच झूठ फैलाने का काम कर रही है।