Bihar Private School New Rules: बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी खत्म! सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, अब मनमर्जी से नहीं बढ़ेगी फीस।

बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार का बड़ा प्रहार। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फीस सार्वजनिक करने और मनमानी वसूली रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए।

Bihar Private School New Rules: बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी खत्म! सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, अब मनमर्जी से नहीं बढ़ेगी फीस।

Updated May 12 2026 07:22 PM

Editor: Panthalassa Team | Location: Patna, Bihar, India

CM Samrat Choudhary Decision for Bihar Private School: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी और फीस में बेलगाम बढ़ोतरी को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के निजी विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया कि निजी स्कूलों की फीस का पूरा विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य है। 


सरकार के नए आदेश की मुख्य बातें:

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  • फीस सार्वजनिक करना अनिवार्य: नए नियम के अनुसार अब सभी निजी स्कूलों की फी को सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा, जिससे कोई भी स्कूल चोरी-छुपे शुल्क नहीं वसूल पाएगा।
  • मनमानी शुल्क वृद्धि पर रोक: कोई भी निजी स्कूल अब हर साल अपनी मर्जी से फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। अनावश्यक शुल्कों पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
  • सामग्री खरीदने की आजादी: अक्सर देखा जाता है कि स्कूल किसी खास दुकान से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बच्चों के अभिभावक के ऊपर बनाते हैं। इस नए आदेश के अनुसार, अब अभिभावक किसी भी दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीद सकते हैं।
  • परीक्षा और परिणाम से वंचित नहीं: अगर छात्र का फीस बकाया रहता है तो इस स्थिति में उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती है। नए नियम को लागू होने के बाद, अब बकाया फीस रहते भी छात्र परीक्षा दे पाएंगे।
  • कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी विद्यालय सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लंघन करते पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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पारदर्शी और सुलभ होगी शिक्षा व्यवस्था

इस नए निर्देश पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि — प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।

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बिहार सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और अन्य खर्चों से परेशान थे। सरकार के इस सख्त नियम से निजी शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।



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