High BP Control New Device: कान पर लगने वाला यह छोटा डिवाइस करेगा हाई बीपी कंट्रोल, जानिए कैसे करता है काम
हाई BP को कंट्रोल करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक छोटे से डिवाइस पर काम किया है। इसे खासकर कान पर लगाया जा सकता है। जानें आखिर यह काम कैसे करता है और 63 मरीजों पर किए गए ट्रायल में क्या देखने को मिला। पढ़ें पूरी जानकारी।
Updated Oct 28 2026 08:34 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
हाई ब्लड प्रेशर लोगों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है, इसमें खून का दबाव सामान्य रूप से ज्यादा मात्रा में होता है। बहुत सारे मरीजों को अपना BP कंट्रोल में रखने के लिए प्रतिदिन दवा खानी पड़ती है, पर अब वैज्ञानिक एक नई तकनीक पर काम कर रहे हैं जो हाई BP को कंट्रोल करने में काफी सहायता कर सकती है। यह एक छोटा सा डिवाइस है जो कान के बाहरी इलाके पर लगाया जा सकता है। News 18 की रिपोर्ट्स के हिसाब से इस डिवाइस का ट्रायल 63 मरीजों पर किया गया, शुरुआती तौर पर इसके नतीजे बहुत अच्छे बताए गए, लेकिन अभी भी हाई BP का इसे एकमात्र पक्का इलाज नहीं माना जा सकता है।
भारत में बहुत से लोग हाई BP से जूझ रहे हैं
भारत में बहुत से लोगों को हाई BP की समस्या है। News 18 की रिपोर्ट्स के हिसाब से देश में लगभग 22 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हो चुके हैं। इसका मतलब यह साफ है कि बहुत से लोगों को इस बीमारी के साथ जीवन भर रहना पड़ता है। बहुत सारे लोगों को शुरुआत में इस बीमारी के बारे में पता तक नहीं चलता है कि उनका BP नॉर्मल से ज्यादा बढ़ा हुआ है और इसकी वजह यह भी है कि हर मरीज में इसके लक्षण साफ ढंग से नहीं दिखाई देते हैं। कुछ लोग तो काफी लंबे समय तक BP की जांच भी नहीं करवाते हैं और ऐसे केस में इस बीमारी का पता काफी लेट से चल सकता है, इसीलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए।
यह कान में लगाने वाला छोटा डिवाइस आखिर काम कैसे करता है
यह छोटा डिवाइस बिजली की तरंगों की सहायता से काम करता है। इसे कान के बाहरी हिस्से पर लगाए जाने के लिए बनाया गया है और यह लगाने के बाद कान की कुछ नसों को हल्के संकेत भेजता है। इन नसों का जुड़ाव शरीर के उस तंत्र से होता है जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर जैसी बड़ी चीजों को संभालने में सहायता करता है। वैज्ञानिक यह भी पता लगाने की कोशिश में जुटे हुए हैं कि इन नसों को संकेत देने से BP कंट्रोल करने में कितनी सहायता मिल सकती है। शुरुआत में किए गए टेस्ट उम्मीद की किरण जरूर देते हैं, लेकिन यह जानने के लिए और रिसर्च की जरूरत है कि यह छोटी सी तकनीक लंबे समय तक कितनी असरदार रह सकती है।
इस डिवाइस को कान के बाहरी हिस्से में कैसे लगाया जाता है
रिपोर्ट के अनुसार यह डिवाइस कान के बाहरी हिस्से में लगाया जाता है। कान के इस हिस्से को ट्रैगस कहते हैं, यह कान के छेद के ठीक बाहर मौजूद छोटा और उभरा सा हिस्सा होता है। डिवाइस इसी स्थान पर कुछ नसों को छोटे-मोटे संकेत भेजता है। इसका शेप बहुत ही छोटा बताया गया है, इसीलिए इसे कान में पहनना आसान हो सकता है। फिलहाल इसे किस प्रकार और कितनी देर तक इस्तेमाल करना चाहिए इसकी जानकारी डॉक्टर से लेना जरूरी है। मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह और सटीक जानकारी के किसी भी इस प्रकार के डिवाइस को इस्तेमाल करने से खुद को बचाना चाहिए।
63 मरीजों पर किया गया इसका टेस्ट
News 18 की रिपोर्ट्स के हिसाब से इस डिवाइस का टेस्ट 63 मरीजों पर किया गया। इन मरीजों को दो ग्रुप्स में बांटा गया था, एक ग्रुप को इस तरह का डिवाइस दिया गया था जो हल्के बिजली के संकेत भेजने में सक्षम था और दूसरे ग्रुप को पहले ग्रुप की तुलना में एक ऐसा डिवाइस दिया गया था जिसमें सही संकेत नहीं दिए गए थे। इस प्रकार वैज्ञानिकों को दोनों ग्रुप के नतीजों को समझने में आसानी मिली। फिर रिपोर्ट में यह बताया गया है कि शुरुआती दौर पर नतीजों में BP कंट्रोल करने के मामले में सुधार के संकेत मिले थे। रिसर्च और अध्ययन के दौरान इस डिवाइस को इस्तेमाल करना काफी ही आसान बताया गया, फिर भी बस 63 मरीजों के अध्ययन से यह साबित नहीं किया जाता है कि यह डिवाइस सभी लोगों के लिए एक तरह से ही काम करेगा।
क्या यह डिवाइस हाई BP को कंट्रोल करने में मदद करेगा
इस डिवाइस के नतीजे शुरुआती तौर पर बहुत अच्छे बताए गए हैं, लेकिन अभी यह कहना बिल्कुल भी सही नहीं होगा कि इससे हर मरीज की हाई BP की परेशानी दूर हो जाएगी। किसी भी नई तकनीक को इस्तेमाल करने से पहले उसके बारे में हर प्रकार से जांच कर लेना जरूरी है। हाई BP के मरीजों को डॉक्टर के दिए गए सलाह के अनुसार दवाई लेनी चाहिए और नियमित रूप से ही जांच करानी चाहिए। अगर किसी मरीज को दवाई लेने के बाद भी BP बढ़ा रहता है तो उसे डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेनी चाहिए। किसी भी मरीज को अपनी मर्जी से दवा बंद नहीं करनी चाहिए या अपनी मर्जी से यह मशीन कान में नहीं लगानी चाहिए।
हाई BP के मरीजों को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए
हाई BP कंट्रोल रखने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक है। सबसे पहले उन्हें डॉक्टर के दिए गए सलाह के अनुसार ही दवाई समय-समय पर लेनी चाहिए और साथ ही BP की जांच करानी चाहिए। खाने में नमक कम मात्रा में रखना चाहिए। उन्हें संतुलित भोजन करने का प्रयास करना चाहिए, इससे उनकी शारीरिक गतिविधि को काफी सहायता मिल सकती है। हाई BP से पीड़ित मरीजों को धूम्रपान से खुद को बचाना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में नींद भी लेनी चाहिए क्योंकि यह इनके सेहत के लिए बहुत ही जरूरी माना गया है। अगर फिर भी BP बार-बार बढ़ जाता है और किसी भी नई प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल करने से पहले उसके बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।