औरंगाबाद मेडिकल कॉलेज का निर्माण 15 अगस्त तक होगा पूरा, पूर्व सांसद और CM की बैठक में पेंशन व परीक्षा केंद्रों पर चर्चा
Aurangabad Medical College News: औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, शिक्षकों की पेंशन और छात्रों की समस्या को लेकर उपमुख्यमंत्री और पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह की बैठक में सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला।
Updated Jun 11 2026 02:21 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Aurangabad (Bihar), Bihar, India
औरंगाबाद के पूर्व भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह ने विकास और जनहित से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उच्चस्तरीय मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से लेकर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और छात्रों की समस्या पर निर्णायक चर्चा की है।
औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज की राह हुई आसान
पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने इस बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दा औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को रखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बताया कि औरंगाबाद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यहां मेडिकल कॉलेज अत्यंत आवश्यक है और देव प्रखंड के पातालगंगा में बिहार राज्य न्यास बोर्ड से मेडिकल कॉलेज के लिए एनओसी प्राप्त हो चुका है। सांसद ने याद दिलाया कि भूमि के कारण इस परियोजना के संकट में पड़ने वाली स्थिति में, उन्होंने स्वयं अपनी जमीन जिला प्रशासन को सौंपने का साहसिक निर्णय लिया था। इन प्रयासों को देखते हुए सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त तक सारी प्रक्रिया पूरी करने और इसके तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
यह भी पढ़े: पार्टी मेरी मां है, MLC उम्मीदवार बनने के बाद भावुक हुए पवन सिंह, सम्राट चौधरी से की मुलाकात
मगध विवि के सेवानिवृत्त शिक्षकों को बड़ी राहत
बैठक में मगध विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर की पेंशन पिछले 6 महीने से न मिलने को लेकर पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया। इसी को गंभीरता से लेते हुए सम्राट चौधरी ने अपने सचिव और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा जगत में योगदान देने वाले शिक्षकों के वैध अधिकारों का भुगतान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बी.फार्मा छात्रों के परीक्षा केंद्र की समस्या होगी दूर
पूर्व सांसद ने औरंगाबाद के बी.फार्मा छात्रों की समस्या पर चर्चा की है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बताया कि छात्रों के परीक्षा केंद्र जिले से बाहर दिए जाने के कारण उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या को लेकर भी मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में परीक्षा केंद्र औरंगाबाद जिले के भीतर ही सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी।