औरंगाबाद में दुर्गा पूजा के दौरान बदलेगा ट्रैफिक का नियम: 17 से 20 अक्टूबर तक लगाई जाएगी रास्ते पर रोक

औरंगाबाद में दुर्गा पूजा के समय 17 से 20 अक्टूबर तक बदलेंगे नियम और रास्तों पर लगाई जाएगी रोक। जानिए किस रास्तों को किया जाएगा बंद और गाड़ी कहां पार्क कर सकेंगे।

औरंगाबाद में दुर्गा पूजा के दौरान बदलेगा ट्रैफिक का नियम: 17 से 20 अक्टूबर तक लगाई जाएगी रास्ते पर रोक

बिहार के औरंगाबाद शहर में दुर्गा पूजा और दशहरा को देखकर जिला प्रशासन द्वारा कुछ नए ट्रैफिक के नियम जारी किए गए हैं। यह नई व्यवस्था 17 से 20 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस दौरान शहर के बहुत सारे सड़कों पर गाड़ी ले जाने के लिए रोक रहेगी। पर लोगों की सुविधा के लिए दूसरे रास्तों पर पार्किंग की जगह बनाई गई है।


आखिर क्यों किया गया ट्रैफिक प्लान लागू?

दुर्गा पूजा के समय मां दुर्गा के विसर्जन के वक्त और रावण दहन के वक्त काफी भीड़ होने की संभावना है और इसी वजह से अधिक भीड़ होने के कारण सड़क पर जाम लग सकता है। और इस समस्या से बचने के लिए प्रशासन ने बहुत से नए नियम लागू किए हैं क्योंकि वह चाहते हैं कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी प्रकार की भी समस्या न झेलनी पड़े और त्योहार शांतिपूर्वक और उल्लास के साथ मनाया जा सके।

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रमेश चौक से लेकर गांधी मैदान तक कैसे गाड़ियों पर लगाई गई रोक?

17 से 20 अक्टूबर तक रमेश चौक से गांधी मैदान तक आने-जाने वाले रास्तों पर आम वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। कार और बाइक से आने वाले लोगों को दूसरे रास्तों का उपयोग करना पड़ेगा। दूसरे वाहनों को एमजी रोड के रास्ते कामा बिगहा मोड़ या फार्म मोड़ से पुराने जीटी रोड की तरफ भेजा जाएगा।

पुराने जीटी रोड से कर्मा रोड और कर्मा भगवान तक पहुंचने वाले रास्ते को भी वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा। ऐसे वाहनों को दानी बिगहा पार्क के बगल से झरी पैलेस की तरफ भेजा जाएगा और वहां लोगों को इन्हीं रास्तों का उपयोग करना पड़ेगा।

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फेसर रोड जाने वालों के लिए क्यों बदला रास्ता?

फेसर रोड से आने-जाने वाले वाहनों के लिए प्रशासन ने कुछ अलग रास्ते तय किए हैं। फेसर की ओर से आने वाले छोटे वाहन नूरी मस्जिद और क्लब रोड होते हुए गेट स्कूल पहुंचेंगे। दूसरी ओर, नवाडीह मोड़ से फेसर जाने वाले लोग गेट स्कूल, नवाडीह, नूरी मस्जिद या अदरी नदी के रास्ते जा सकेंगे।


भारी वाहनों के लिए रास्तों में किए गए बदलाव में क्या दिखा?

दुर्गा पूजा के दौरान भारी वाहनों के आने-जाने के रास्ते में भी किया गया बदलाव। हरिहरगंज की ओर से आने वाले भारी वाहन एमजी रोड ओवरब्रिज की पश्चिमी-उत्तरी लेन से नहीं जा सकेंगे। उन्हें ओवरब्रिज के नीचे से पूर्वी-उत्तरी सर्विस लेन होते हुए रतनुआ ओवरब्रिज के अंडरपास तक जाना होगा। वहां से यू-टर्न लेकर पटना और डेहरी की ओर प्रस्थान कर सकेंगे।

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पटना से गया और हरिहरगंज की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी रास्ते में बदलाव किया गया है। ये वाहन जसोइया ओवरब्रिज की पूर्वी-उत्तरी सर्विस लेन से नहीं जा सकेंगे। इन्हें पश्चिमी-उत्तरी लेन से एलआईसी कार्यालय के पास एनएच-19 की उत्तरी लेन की तरफ भेजा जाएगा।


श्रद्धालु कहां खड़ी कर सकेंगे अपनी गाड़ियां?

दुर्गा पूजा में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने बहुत अन्य पार्किंग की जगह तय कर दी है। रमेश चौक और बाजार की ओर से आने वाले लोग गेट स्कूल, निरीक्षण भवन के खाली परिसर और जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) परिसर में अपनी गाड़ियां लगा सकेंगे। वहीं, फार्म मोड़ और पुराने जीटी रोड की तरफ से आने वाले लोग टाउन इंटर स्कूल और गांधी मैदान में अपनी गाड़ियों की पार्किंग कर सकेंगे।

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प्रशासन ने लोगों से यह रिक्वेस्ट की है कि वे अपने वाहनों को तय किए हुए स्थल पर ही खड़े करें। इससे रोड पर जाम कम लगेगा और श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी।


सुरक्षा के लिए किन जगहों पर तैनात रहेगी पुलिस प्रशासन?

दुर्गा पूजा और दशहरा के समय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने बहुत अच्छी तैयारी की है। इनमें रमेश चौक, गांधी मैदान मोड़, कर्मा मोड़, जसोइया मोड़ और महाराणा प्रताप चौक शामिल हैं। इसके अलावा, नगर परिषद को जरूरी आवश्यक जगहों पर बैरिकेडिंग लगाने का निर्देश दिया गया है। इससे भीड़ और गाड़ियों दोनों को संभालने में काफी मदद मिलेगी।

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प्रशासन ने लोगों से किस चीज के लिए की अपील?

प्रशासन ने आम लोगों से यह अपील की कि वह 17 से 20 अक्टूबर तक लागू किए गए ट्रैफिक नियमों का पालन करें। लोगों को बंद किए हुए रास्ते पर जाने से बचना चाहिए और तय किए गए रास्तों पर ही अपनी गाड़ियों को पार्क करना चाहिए और घर से निकलने से पहले सभी रास्तों की जानकारी ले लेनी चाहिए ताकि बाद में उन्हें परेशानी न हो जिससे वह जाम में फंसने से बच सकते हैं।

जिला प्रशासन का यह उद्देश्य है कि वह दुर्गा पूजा, रावण दहन और प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कर सके। इसीलिए प्रशासन ने बहुत सारे नियम बनाए हैं और लोगों से उनका पालन करने को कहा है जिससे उन्हें काफी सहयोग मिल सकती है। नियमों का पालन करने से जाम कम मिल सकता है और सहयोग बनाने में मदद भी मिल सकती है।

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