अंत में मिल ही गया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, अब क्यों पड़े हो ज्ञानेश कुमार के मामले में? रामदास आठवले ने दी CJP को यह सलाह
केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने से मना किया। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को छात्रों पर ध्यान देना चाहिए।
Updated Oct 13 2026 11:20 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: Delhi, India
केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने से मना किया, उन्होंने कहा कि यह आंदोलन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि CJP का यह आंदोलन NEET में हुए पेपर लीक के दौरान शुरू हुआ था और इस आंदोलन के द्वारा पेपर लीक के मुद्दों पर सवाल उठाने के लिए हुई थी। और इसलिए अब उन्हें छात्रों और शिक्षा संबंधी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पार्टी पर भी आरोप लगाया कि इस तरीके के प्रदर्शनों से काफी तरह की अफवाह फैल सकती है।
क्या थी वो सलाह जो रामदास आठवले ने CJP को दी?
रामदास आठवले ने कहा कि CJP की शुरुआत NEET पेपर लीक के दौरान मुद्दे उठाने के लिए हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी को छात्रों और शिक्षा संबंधित मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह सलाह दी कि पार्टी को यह मुद्दों पर बात उठानी चाहिए कि किस तरीके से शिक्षा और परीक्षा की व्यवस्था ठीक की जा सकती है और इसी प्रकार उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के विरोध में आवाज उठाई।
क्यों कर रहे हैं आठवले ज्ञानेश कुमार की तरफदारी? उन्होंने उनके बचाव में क्या कहा?
रामदास आठवले ने ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए मतदाता सूची में की गई गड़बड़ी और नाम हटाने के मुद्दे पर बात उठाई। उन्होंने यह दावा किया कि जो नाम हटाए गए हैं उसमें से बहुत सारे लोग नौकरी और कारोबार की खोज में दूसरी जगह चले गए हैं और बहुत से नाम ऐसे हैं जो दो अलग-अलग नाम से दोबारा दर्ज कराए गए हैं और कुछ लोग उसमें से लापता भी हैं। उन्होंने इन कारणों को सामने रखते हुए मतदाता सूची में की गई बदलियों को सही ठहराने की कोशिश की।
क्यों उठाए गए विपक्ष और राहुल गांधी द्वारा किए गए प्रदर्शन पर सवाल?
केन्द्रीय मंत्री ने विपक्ष पार्टी पर यह आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना सही नहीं है और उन्हें इस प्रकार का आंदोलन भी नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के जीत के पीछे जो वोट बनाए गए हैं उनकी गिनती चोरी की वोटों में भी की जा सकती है। उनके हिसाब से इस तरीके के प्रदर्शन होने के कारण लोगों को बहुत तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्यों रही है CJP पहले भी विवादों को लेकर काफी चर्चित?
CJP पहले भी काफी सारे विरोध प्रदर्शन को लेकर बहुत ही चर्चित रही है। 3 अक्टूबर को रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके के बयानों की आलोचना की थी और उन्हें ऐसी टिप्पणियों को सही ढंग से बंद करने की भी सलाह दी थी। उन्होंने अभिजीत को यह भी चेतावनी दी थी कि ऐसा करने से उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आगे के मामले में कार्यवाही भी कर सकती है जो कि सही नहीं होगा।
अब क्या है दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी?
12 अक्टूबर को विपक्षी दलों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन होने वाली थी। मीडिया खबरों के अनुसार कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई थी। वहीं दूसरी तरफ CJP ने बहुत शांतिपूर्वक प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने की बात कही थी। पार्टी ने यह भी साफ कह दिया था कि अगर 24 घंटे के अंदर उन्हें अनुमति का जवाब नहीं मिलता है तो वह अपने हिसाब से स्थान और समय घोषित कर देंगे। रामदास आठवले ने CJP को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग बंद करके छात्रों और शिक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी और उनसे जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने चाहिए जिससे शिक्षा की स्थिति सुधर सके। वहीं दूसरी तरफ मतदाता सूची में की गई गड़बड़ियों को लेकर अभी भी विरोध जारी है और अभी भी बहुत तरीके की राजनैतिक बहसबाजी चल रही है।