दलित यूट्यूबर को मिला नितिन गडकरी के तरफ से 50 करोड़ का मानहानि नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला

Nitin Gadkari vs Mukesh Mohan: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दलित यूट्यूबर मुकेश मोहन को भेजा 50 करोड़ का मानहानि नोटिस! जानें क्या है बीफ रिपोर्ट का वो विवाद जिसने नागपुर से दिल्ली तक हलचल मचा दी है। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

दलित यूट्यूबर को मिला नितिन गडकरी के तरफ से 50 करोड़ का मानहानि नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला

Mar 29 2026 04:00 pm

Editor: Panthalassa Team | Location: Nagpur, Maharashtra, India

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Mukesh Mohan 50 Crore Defamation Case: भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर चर्च में है, लेकिन इस बार वह किसी एक्सप्रेसवे बनाने के लिए नहीं बल्कि यह कानूनी विवाद की वजह से चर्चा में आए हैं। गडकरी ने एक दलित इनफ्लुएंसर और यूट्यूब पर मुकेश मोहन (Mukesh Mohan) को 50 करोड रुपए का नोटिस भेज दिया है।

यह पूरा मामला एक वीडियो से शुरू हुआ जिसमें मुकेश मोहन ने द कारवां (The Caravan) मैगजीन में छपी एक रिपोर्ट के सोर्स पर बताया कि नितिन गडकरी की कंपनी रेम्बल एग्रो एंड फूड्स (Rembal Agro & Foods) बीफ के व्यापार में शामिल है।


क्या है मुकेश मोहन और नितिन गडकरी के बीच का पूरा मामला?

मुकेश मोहन ने हाल में ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि द कारवां मैगजीन रिपोर्ट के अनुसार नितिन गडकरी की कंपनी रेम्बल एग्रो एंड फूड्स बीफ का व्यापार करती है। मुकेश का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो नितिन गडकरी ने उनके ऊपर 50 करोड रुपए मानहानि का नोटिस भेज दिया। इसके बाद मुकेश ने अपने X अकाउंट पर शेयर करते हुए यह जानकारी दिया कि उनके ऊपर गडकरी के तरफ से मानहानि का नोटिस भेजा गया है।

रिपोर्ट में किए गए दावे

The Caravan के रिपोर्ट के अनुसार आरोप लगाया गया कि हैदराबाद से मुंबई तक बीफ ले जाने वाली कंपनी के पास संदिग्ध प्रमाण पता थे और इस कंपनी को ऐसे सहकारी बैंक से लोन दिया गया जिसकी अध्यक्षता कंचन गडकरी कर रही थी जो नितिन गडकरी की पत्नी है।


50 करोड़ का नोटिस और FIR (Mukesh Mohan Arrest/FIR)

गडकरी के कानूनी टीम के द्वारा मुकेश के ऊपर आरोप लगाया गया कि उनके द्वारा बनाए गए वीडियो के कारण मंत्री की प्रतिष्ठा और मानसिक शांति को ठेस पहुंची है, और उनसे 50 करोड रुपए हर जाने की मांग भी की गई। नोटिस में मुकेश को 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने के साथ-साथ माफी मांगने को कहा गया। इसके अलावा नागपुर साइबर पुलिस स्टेशन में मुकेश मोहन के खिलाफ फिर भी दर्ज की गई है। 


"अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में?" - मुकेश मोहन का पक्ष

सारी घटना के बारे में मुकेश मोहन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कई दिनों से वह नागपुर के पुलिस थानों का चक्कर लगा रहे हैं।

"दो दिन हो गए नागपुर में, मेरा एक फोन जब्त कर लिया गया है और दूसरा भी मांगा जा रहा है। क्या यही अभिव्यक्ति की आजादी है?" — मुकेश मोहन

मुकेश मोहन का कहना है कि उन्होंने केवल एक प्रतिष्ठित मैगजीन The Caravan की रिपोर्ट जनता के सामने रखा है। उन पर दबाव बनाने के लिए उनके परिवार के सदस्यों को भी पुलिस जांच के दायरे में घसीटा जा रहा है।