16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, Sonu Sood के बयान से मचा हड़कंप
Feb 09 2026 07:00 am
Editor: Panthalassa Team | Location: India
आज की दुनिया में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है इस सोशल मीडिया दुनिया में बच्चे हो या बड़े हर कोई स्क्रीन से जुड़ा हुआ हैl लेकिन इसी बीच एक सवाल खड़ी होती है कि क्या यह सोशल मीडिया हर उम्र के लिए सही है? हाल ही में भारत के सुप्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने एक सुझाव दिया है जिसने देश के माता-पिता और नीति निर्माता को सोचने पर मजबूर कर दिया हैl
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बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद का सुझाव है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह से बैन होनी चाहिए, इस बयान ने सोशल मीडिया और समाज दोनों में बड़ी बहस छेड़ दी है लेकिन इसके पीछे छिपी राज बेहद ही गहरी हैl
सोशल मीडिया की दुनिया में खोता हुआ बचपन
आज के बच्चे बहुत ही कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में खोते जा रहे हैं जहां उनका बचपना मैदान, परिवार और दोस्तों के साथ बीतना चाहिए था वहां यह मोबाइल की स्क्रीन पर Instagram Reels और Snapchat Streaks पर बिता रहे है l बच्चों के लिए परिवार और असली दोस्त से ज्यादा जरूरी अनजान लोगों की लाइक्स और कमेंट्स हो गए हैं l विशेषज्ञों का मानना हैं कि यह सोशल मीडिया बच्चों को कुछ तो सीखा रही है लेकिन यह उन्हें बहुत ही कम उम्र में मानसिक रूप से कमजोर कर रहा है
सोशल मीडिया से मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर
विशेषज्ञों का मानना हैं की बहुत कम उम्र में बिना रोक टोक के सोशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चों के तुलना और हीन भावना पैदा करती है जो दूसरों के फेक और लग्जरी स्टाइल्स देखकर अपने असली जिंदगी से नफरत करने लगते हैं इंटरनेट पर ट्रोलिंग और भद्दे कमेंट्स बच्चों के कोमल मन पर गहरा घाव डालता है जिससे अवसाद का खतरा बढ़ता है
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16 वर्ष से पहले सोशल मीडिया से दूरी क्यों
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार 16 वर्ष से पहले का समय कुछ सीखने समझने और खुद को पहचानने का होता है अगर इस उम्र में उन्हें सही मार्गदर्शन और सुरक्षित माहौल मिले तो वह एक मजबूत और संतुलित इंसान बन सकते हैं लेकिन सोशल मीडिया की यह जल्दी बाजी और आभासी दुनिया बच्चों को यह अवसर नहीं प्रदान करती है
सोनू सूद का मानना है कि यह सोशल मीडिया बैन बच्चों को सजा देने की नहीं बल्कि उन्हें अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एक कवच की तरह है जैसे हर चीज के लिए एक उम्र तय की गई है वैसे ही डिजिटल आजादी के लिए भी एक उम्र तय होनी चाहिए
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की यह अमली जामा पहचान की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि अभिभावक को भी होना चाहिए जिसमें वह खुद स्क्रीन टाइम कम करके बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए
