दुर्गा पूजा के सातवें दिन हुई मुमताज की हत्या, पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार

बिहार के औरंगाबाद के दाउदनगर में मुमताज की हत्या के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। जांच के दौरान पुरानी दुश्मनी की बात सामने आई।

दुर्गा पूजा के सातवें दिन हुई मुमताज की हत्या, पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार

बिहार के औरंगाबाद जिले में मुमताज हत्याकांड के मामले में पुलिस द्वारा किया गया है एक बहुत बड़ा खुलासा। पुलिस के अनुसार इस घटित घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी थी। आरोपी राम पुकार यादव को आशंका थी कि उसके बेटे की हत्या में मुमताज का एक बहुत बड़ा हाथ है। इसी शक के कारण वह मुमताज से बदला लेना चाहता था। पुलिस ने इस मामले में राम पुकार यादव के साथ 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। फिलहाल घटना से जुड़े सारे पहलुओं की सख्त रूप से जांच की जा रही है।


मुमताज हत्या मामले में हुए 6 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने मुमताज हत्याकांड में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस हत्याकांड में सभी आरोपी अलग-अलग गांव के निवासी हैं। पुलिस ने अपने हिसाब से पूछताछ और उपलब्ध जानकारियों की सहायता से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की। जांच के दौरान राम पुकार यादव का नाम मुख्य रूप से सामने आया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हुई है कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई थी और इस हत्या के पीछे किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी।

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19 अक्टूबर 2026 को दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी की शिकायत

मुमताज के अचानक से लापता होने के बाद परिवार वालों ने पुलिस से संपर्क करके 19 अक्टूबर को गोह थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर उसकी तलाश शुरू की और साथ ही महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में लग गई। शिकायत दर्ज कराने के ठीक 2 दिन बाद 21 अक्टूबर को अल्हन परासी गांव के पास एक शव बरामद हुआ। जांच होने के बाद उस शव की पहचान मुमताज के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को हत्या के मामले में बदल दिया।


सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को प्राप्त हुए कुछ अहम सबूत

मुमताज की हत्या की खबर मिलने के बाद पुलिस ने मामले को पूरी तरीके से सुलझाने के लिए एक टीम बनाई। जांच टीम ने आस-पास लगे सभी सीसीटीवी कैमरे को चेक कर उनकी रिकॉर्डिंग देखी। इसके साथ ही बहुत से दूसरे सबूतों की भी जांच की गई जिसके आधार पर उन्होंने बहुत से वैज्ञानिक सबूत जुटाए। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने लवकुश कुमार और धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया और इसके बाद दोनों से पूछताछ शुरू की।

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पूछताछ के बाद किया चार और आरोपियों को गिरफ्तार

मुमताज हत्याकांड में पुलिस की जांच के साथ आरोपियों की भी संख्या बढ़ी। पहले दो लोगों को हिरासत में लिया गया उसके बाद पूछताछ के अनुसार चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कुल मिलाकर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच टीम अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले क्या योजना बनाई गई थी और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही है।


मुमताज की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई साजिश

जांच से यह सामने आया है कि यह हत्याकांड के पीछे कोई बहुत पुरानी दुश्मनी होगी। पुलिस के अनुसार, राम पुकार यादव के बेटे की हत्या साल 2023 में दुर्गा पूजा के समय हुई थी और उसके बेटे का शव रेलवे की पटरी पर मिला था। राम पुकार को यह आशंका थी कि इस हत्याकांड के लिए मुमताज जिम्मेदार था और इसी बात को लेकर वह मुमताज से बदला लेना चाहता था।

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दुर्गा पूजा के सातवें दिन हुई थी यह हत्या

यह हत्याकांड से संबंधित एक खास बात यह है कि दोनों हत्या दुर्गा पूजा के सातवें दिन हुई थी। पुलिस के अनुसार राम पुकार के बेटे की हत्या सन 2023 में हुई थी और इसके ठीक बाद 17 अक्टूबर 2026 को मुमताज की हत्या कर दी गई। पुलिस का यह कहना है कि मुख्य आरोपी अपने बेटे की मौत का बदला लेना चाहता था। हालांकि अभी मामले की जांच प्रक्रिया जारी है।


कार, बाइक और मोबाइल को बरामद किया पुलिस ने

पुलिस ने जांच के वक्त हत्या में इस्तेमाल की गई कार, बाइक और मोबाइल को बरामद कर लिया है। इन वस्तुओं को मामले की जांच के लिए काफी अहम माना गया है। पुलिस के अनुसार सारे अपराधियों की भी सही तरीके से जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाने में सहायता मिलेगी कि क्या इन अपराधियों के खिलाफ पहले भी कोई मामला दर्ज किया गया है या नहीं। फिलहाल पुलिस इस मामले पर आगे कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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