हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की वायरल तस्वीरों पर गरमाई सियासत: विपक्ष ने प्रधानमंत्री और सरकार से मांगा जवाब
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्ष ने उठाए कई तरह के सवाल। कांग्रेस पार्टी ने उनकी मुलाकातों पर मांगा जवाब। जानिए क्या है पूरा मामला।
Updated Oct 22 2026 02:06 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
जेफ्री एपस्टीन के साथ हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्षी पार्टियों ने इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। तस्वीरों से राजनीतिक विवाद बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। इन खींची गई तस्वीरों में पुरी और एपस्टीन एक कमरे में आमने-सामने बैठे दिखाई दे रहे हैं। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर बहुत तेज रफ्तार से फैलने लगीं और कांग्रेस के नेताओं जैसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी (एसपी) ने कई तरह के सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने यह पूछा कि उन दोनों की मुलाकात क्यों हुई थी और उन दोनों ने आपस में क्या बातचीत की और उन्होंने इस मामले में मंत्री से साफ जवाब की मांग की है।
पुरी द्वारा दिए गए बयान पर विपक्ष ने उठाए सवाल
तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज रफ्तार से फैलने के बाद उन दोनों की मुलाकातों का जवाब मांगा गया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने उनके पहले दिए गए बयान का जिक्र करते हुए पूछा कि अगर पुरी एपस्टीन से एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले थे, तो तस्वीरों में बाकी लोग कहां हैं, और वो लोग क्यों नहीं नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने इस मामले को महिला सुरक्षा और सरकार की जिम्मेदारियों से भी जोड़ा और एक साफ जवाब की मांग की है। पर कांग्रेस के द्वारा उठाए गए सवालों से यह किसी प्रकार से भी साबित नहीं किया जा सकता है कि पुरी किसी भी अपराध में शामिल थे।
कांग्रेस के महासचिव ने प्रधानमंत्री से भी मांगा जवाब
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीरों को देखते हुए इस मामले पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी कहा कि इन तस्वीरों को लेकर जो भी सवाल उठ रहे हैं उन सब का जवाब मिलना चाहिए। वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मुद्दे पर जवाब मांगा। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए और साथ ही यह भी पूछा कि सरकार की भूमिका क्या है और सरकार इस मामले को किस रूप में देखती है। विपक्षी पार्टी के नेताओं ने यह कहा कि जब किसी केंद्रीय मंत्री की मुलाकात को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार और संबंधित मंत्रियों को अपनी बात साफ तरीके से पेश करनी चाहिए।
भारत और अमेरिका के व्यापार के समझौते को लेकर उठे कई तरह के सवाल
कांग्रेस ने इस मामले को भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार के संबंध और समझौते की बातचीत से भी जोड़कर कई तरह के सवाल उठाए। केसी वेणुगोपाल ने पूछा कि क्या इस विवाद का दोनों देशों के बीच किए गए समझौते पर भी असर पड़ सकता है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार से जुड़े कई सारे मुद्दों पर बातचीत चल रही है। कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार के फैसलों और उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल खड़ी कर रही है। दूसरी ओर भारत सरकार ने यह पहले ही ऐलान कर दिया है कि समझौता इस प्रकार होना चाहिए जिसमें दोनों देशों का फायदा हो। हालांकि अभी इस तस्वीर के आधार पर किसी प्रकार की भी पुष्टि नहीं की जा सकती है।
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महुआ मोइत्रा ने भी किए कई सवाल
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने तस्वीरें सामने आने के बाद पुरी के द्वारा बोली गई पुरानी बातों पर कई तरह के सवाल उठाए। पुरी ने पहले कहा था कि वह एपस्टीन से तीन या अधिकतम चार बार एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में मिले थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी यह व्यंग्य के रूप में पूछा कि अगर इन मुलाकातों में दूसरे लोग भी शामिल थे तो वह लोग तस्वीर में क्यों नहीं हैं या आसपास क्यों नहीं नजर आ रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी की वजह से यह मामला सोशल मीडिया पर और चर्चित हो चुका है। महुआ ने पुरी द्वारा दी गई सफाई पर भी कई प्रकार के सवाल उठाए हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर उनके द्वारा दी गई टिप्पणी से यह कोई गलत काम का सबूत नहीं है।
एनसीपी (एसपी) ने भी की जवाब की मांग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने भी इन तस्वीरों को देखने के बाद कई प्रकार के सवाल उठाए। उन्होंने यह साफ कहा है कि हरदीप सिंह पुरी को यह बताना चाहिए कि उन्होंने यह मुलाकात क्यों की थी। उन्होंने इस मुलाकात में हुई बातचीत के बारे में अधिक जानकारी की मांग की है। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि पुरी को एपस्टीन के अपराधों के बारे में नहीं पता होगा। उन्होंने मंत्री से इस पक्ष पर सफाई देने की अपील की है।
शिवसेना (यूबीटी) ने भी उठाए कई प्रकार के सवाल
शिवसेना (यूबीटी) के एक सांसद ने भी हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन की तस्वीर को देखते हुए उनकी मुलाकात पर कई सारे सवाल उठाए। उन्होंने यह जानने की मांग की है कि यह मुलाकात किस काम के सिलसिले में की गई थी। इस तरह कांग्रेस, टीएमसी और दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सभी नेता इस मुलाकात से संबंधित अधिक जानकारी जानना चाहते हैं। किसी नेता के द्वारा सवाल उठाने का मतलब यह नहीं है कि वह उन्हें आरोपी के रूप में दोषी ठहरा रहे हैं। मामले को पूरी तरीके से समझने के लिए अधिक जानकारी और संबंधित सबूतों के मिलने का इंतजार करना पड़ेगा।
क्या सफाई दी थी हरदीप सिंह पुरी ने?
हरदीप सिंह पुरी ने फरवरी 2026 में एपस्टीन से मुलाकातों को लेकर अपनी सफाई को पेश किया था। उन्होंने कहा था कि वह एपस्टीन से तीन या अधिकतम चार बार मिले थे और यह मुलाकात उन दोनों के द्वारा किए जाने वाले कार्य के सिलसिले में हुई थी। उनके अनुसार इन मुलाकातों का अपराध से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने यह भी साफ बताया था कि यह मुलाकात तब हुई थी जब वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ चुके थे और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने अपनी मुलाकातों को अपने कार्य का एक अहम और महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।
कब हुई थीं उनकी मुलाकातें?
हरदीप सिंह पुरी ने यह बात साफ बताई थी कि जब वह एपस्टीन से मिले, तब वह केंद्रीय मंत्री नहीं बने थे। वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट से जुड़े कार्य कर रहे थे और उनके अनुसार उन्होंने यह भी बताया है कि एपस्टीन से उनकी मुलाकातें इसी दौरान हुई थीं। पुरी ने यह भी बोला है कि इन मुलाकातों को वह अपने काम का हिस्सा मानते थे जो करना आवश्यक था इसलिए इन मुलाकातों को ठुकराया नहीं जा सकता था। विपक्ष की पार्टियों ने इन तस्वीरों के सामने आने के बाद उनके द्वारा की गई मुलाकातों और पहले के दिए गए बयानों पर कई तरह के सवाल उठाए।
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अपने वरिष्ठ अधिकारी का भी जिक्र किया है पुरी ने
हरदीप सिंह पुरी ने यह भी साफ बताया है कि उनके वरिष्ठ अधिकारी तेरजे रोड-लार्सन का एपस्टीन से भी अच्छे संबंध और संपर्क थे। पुरी के अनुसार, वह एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पीस इंस्टीट्यूट से संबंधित कार्यों का हिस्सा बताया है। फिलहाल विपक्षी नेताओं ने इन तस्वीरों के सामने आने के बाद उनके द्वारा दी गई सफाई पर भी कई तरह के सवाल उठाए हैं। सभी नेता यह जानना चाहते हैं कि पुरी साफ तरीके से यह बताएं कि यह मुलाकातें कब-कब हुई थीं और इनमें क्या-क्या बातें हुई थीं और कौन लोग शामिल थे।
क्या पुरी को एपस्टीन के पुराने मामलों के बारे में पता था?
पुरी ने अपने बयान में यह साफ बताया है कि जब वह पहली बार एपस्टीन से मिले, तब उन्हें उसके किसी भी पुराने मामलों के बारे में किसी प्रकार की भी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इसकी जानकारी के बारे में इंटरनेट पर सर्च किया था और जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने आगे यह भी सोचना शुरू किया था कि इससे मिलना चाहिए या नहीं। पुरी ने यह भी साफ कहा है कि सारी मुलाकातें काम के सिलसिले में हुई थीं। यह तस्वीर सामने आने के बाद विपक्षी दलों द्वारा कई प्रकार के सवाल उठाए जा रहे हैं लेकिन इससे यह साबित नहीं किया जा सकता है कि पुरी किसी भी प्रकार के अपराध में शामिल थे।
एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों में पुरी का नाम
एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया है। 2025 में नवंबर के महीने में अमेरिकी संसद की एक समिति की तरफ से जारी की गई ईमेल में भी इस संपर्क का जिक्र किया गया था। अमेरिका के न्याय विभाग में इस मामले से संबंधित बहुत सारे दस्तावेज उपलब्ध हैं। इन सभी दस्तावेजों में एपस्टीन के साथ अलग-अलग लोगों के संपर्क की जानकारी लिखी हुई थी। इन रिकॉर्ड्स के सही तरीके से सामने आने के बाद भारत में की गई मुलाकातों पर भी सवाल उठे।
ईमेल में लिखी हुई हैं मुलाकातों की तारीख
रिपोर्ट्स के अनुसार कई सारे ईमेल में पुरी और एपस्टीन की मुलाकातों की तारीख भी लिखी हुई है। इन तारीखों में फरवरी 2015, जनवरी 2016 और मई 2017 की मुलाकातों की कुछ तारीखें बताई गई हैं। विपक्षी पार्टियों ने दोनों के बीच संबंध और ईमेल पर भी कई सारे सवाल उठाए। इस तरह राजनीतिक बहस में काफी बढ़ावा देखने को मिला है। इन मुलाकातों को सही मायने में देखने के लिए सही जानकारियों के लिए प्रतीक्षा करना सही रहेगा।
आखिर था कौन जेफ्री एपस्टीन?
जेफ्री एपस्टीन अमेरिका का एक बहुत ही अमीर फाइनेंसर और कारोबारी था। उसके संपर्क बहुत सारे बड़े और अमीर नेताओं के साथ रह चुके हैं। उसके पैसे और प्रभावशाली व्यवहार की वजह से उसके बहुत सारे लोगों से अच्छे संबंध हैं। लेकिन काफी बाद में उसका नाम कई सारे अपराधों में भी शामिल होने लगा। उसके खिलाफ नाबालिग लड़कियों के शोषण और यौन तस्करी से जुड़े मामले दर्ज हुए। ऐसी हरकत करने की वजह से वह दुनिया भर में एक चर्चा का विषय बन चुका था।
आखिर एपस्टीन को कब सजा मिली और कब उसकी मौत हुई?
एपस्टीन का नाम तब चर्चा में आया जब 2008 में उसे एक यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया गया। 2019 में उसे नाबालिगों की यौन तस्करी के आरोपों में फिर गिरफ्तार किया गया। लेकिन इन सभी मुकदमों की सुनवाई शुरू होने से पहले ही उसकी मौत जेल में हो गई थी। अधिकारियों के बयान के अनुसार उसकी मौत आत्महत्या से हुई थी। उसकी मौत के बाद भी इन मामलों से जुड़े दस्तावेजों और संपर्कों की जांच आज भी जारी है।
घिसलेन मैक्सवेल को किस वर्ष में हुई सजा?
घिसलेन मैक्सवेल एपस्टीन की एक बहुत अच्छी सहयोगी रह चुकी थी। उसे नाबालिग लड़कियों के शोषण में सहायता करने के मामले में 2021 में दोषी पाया गया था। ऐसे मामले में दोषी पाए जाने के बाद उसे 20 साल की जेल की सजा हुई थी। उस समय इस मामले और उनमें शामिल सभी सहयोगियों के बारे में काफी चर्चा हुई थी, और इस खबर ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान बहुत तेज रफ्तार से खींचा था। इसी कारण से एपस्टीन के साथ संपर्क रखने वाले लोगों के बारे में सामने आने वाली अधिक जानकारी भी बहुत ज्यादा ही चर्चित रहती है।