Delhi Jantar Mantar Protest: SIR के विरोध में CJP का आंदोलन तेज़, शराब की दुकानें बंद और नेताओं की हिरासत पर बड़ा अपडेट

CJP ने SIR के खिलाफ बेंगलुरु में किया प्रोटेस्ट। दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले प्रोटेस्ट को BKU ने हिमायत देने की बात कही।

Delhi Jantar Mantar Protest: SIR के विरोध में CJP का आंदोलन तेज़, शराब की दुकानें बंद और नेताओं की हिरासत पर बड़ा अपडेट

Updated Oct 09 2026 10:26 AM

Editor: Panthalassa Team | Location: Delhi, India

बेंगलुरु के स्थित फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को बहुत सारे सामाजिक संगठनों ने SIR के विरुद्ध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी, अभिनेता प्रकाश राज एवं CJP से जुड़े कई नेताओं की मौजूदगी को देखा गया है। लोगों ने चुनाव आयोग की तरफ यह सवाल उठाया कि मतदाता सूची से लोगों का नाम हटाने का निर्णय कैसे किया जा रहा है? मौजूद लोगों ने SIR को बंद करने की मांग की और अनुचित ढंग से हटाए गए नामों की सही प्रकार से जांच करने की मांग की। लोगों ने प्रदर्शन के दौरान अपने मतदान के हक को लेकर लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज उठाई। बेंगलुरु में हुए इस कार्यक्रम को पीपुल्स ट्रिब्यूनल का नाम दिया गया है।

 

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अभिजीत दीपके द्वारा लगाए गए आरोप और पूरे देश में आंदोलन की बात

अभिजीत दीपके जो कि CJP के संस्थापक हैं उन्होंने यह आरोप लगाया है कि SIR के अधीन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और इसका काफी गहरा असर BJP के विरोधियों पर पड़ता हुआ नजर आ रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर और साथ ही साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोकतंत्र को हानि पहुंचाने का इल्जाम लगाया। दीपके के कहे हुए शब्दों के हिसाब से अन्य लोगों को मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया था, और यह वह लोग थे जो कि प्रदर्शन में भी मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ मतदाता सूची में नाम होने से नहीं जुड़ा है पर नागरिकों के वोट देने के अधिकार का भी सवाल है। CJP के नेता ने प्रदर्शन के दौरान अपनी इस बात को लोगों के सामने रखते हुए आरोप लगाया। लगाए गए आरोपों को सच मानने के लिए भरोसेमंद स्रोतों से भी इनकी जांच करनी चाहिए।

 

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SIR बंद करने की मांग प्रकाश राज द्वारा क्यों कही गई?

बेंगलुरु के प्रदर्शन के दौरान अभिनेता प्रकाश राज ने SIR को पूरी तरीके से बंद करने की मांग की। उन्होंने अपनी यह बात सामने रखी कि इस हो रहे विरोध का मकसद ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ही नहीं है, बल्कि मतदाताओं को जो अधिकार दिए गए हैं उनको बचाने की भी मांग है। अभिनेता प्रकाश राज ने यह भी आरोप लगाया कि लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें मतदाता सूची में अपने नाम को दोबारा जुड़वाने में भी काफी मुश्किलों को झेलना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ चुनाव आयोग को हटाने से सब कुछ ठीक नहीं हो जाएगा बल्कि SIR के कार्य करने की प्रक्रिया में भी काफी तरीके के बदलाव होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कल को अगर एक अधिकारी की जगह दूसरे अधिकारी को इस पद पर बैठाया जाता है पर अगर नियम वही रहेंगे तो यह समस्या कभी खत्म नहीं होगी।

 

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तीन राज्यों की मतदाता सूची पर ध्रुव राठी द्वारा सवाल क्यों उठाए गए?

बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन के दौरान यूट्यूबर ध्रुव राठी ने बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को देखते हुए यह बताया कि चुनाव से पहले करीब 70 लाख लोगों के नाम को हटाए गए थे। इसके अलावा उन्होंने बिहार से लगभग 40 लाख नामों को हटाए जाने पर एवं उत्तर प्रदेश में लगभग 14 लाख नामों को जोड़े जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वोट देना हर नागरिक के लिए एक महत्वपूर्ण अधिकार है और साथ ही मतदाता सूची में किए गए बदलाव की खबर लोगों को साफ तौर पर दी जानी चाहिए। इन आंकड़ों को प्रकाशित करने से पहले इनकी सही जांच करना जरूरी है।

 

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बेंगलुरु में महिलाओं के द्वारा क्यों किया गया चप्पल प्रोटेस्ट?

फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन के दौरान SIR के विरोध के अलावा महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर भी कई सारे सवाल उठाए गए। महिलाओं के लिए किए गए इस विरोध प्रदर्शन को चप्पल प्रोटेस्ट का नाम दिया गया। महिलाओं ने उन पर अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा की भी मांग की। कुछ महिलाओं ने तो अपनी चप्पल उतार कर अपना विरोध दिखाया और यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा करना सरकार की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक होनी चाहिए। प्रदर्शन में दहेज प्रथा, महिलाओं के प्रति किए गए हिंसा और बाल विवाह जैसे सामाजिक कर्मों के खिलाफ भी आवाज उठाई गई। महिलाओं ने सम्मान, बराबरी और सुरक्षा के साथ अपने जीवन को जीने के लिए भी अधिकार मांगा। CJP की महिला वॉलंटियर निवेदिता ने कहा कि महिलाओं को आम इंसान की तरह बराबर का सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।

 

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BKU के द्वारा दिल्ली प्रोटेस्ट को क्यों दिया समर्थन?

CJP के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने दिल्ली जंतर मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को समर्थन दिया गया है। सौरव दास जो CJP के प्रवक्ता हैं उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि राकेश टिकैत ने किसानों और अपने समर्थकों को दिल्ली पहुंच कर प्रोटेस्ट में शामिल होने की बात कही है। पार्टी की यह डिमांड है कि SIR की यह प्रक्रिया बंद हो और ज्ञानेश कुमार से जवाब की मांग की है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह घोषणा की, कि CJP 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करेगी। उन्होंने यह साफ तौर पर कहा है कि अगर नेताओं को गिरफ्तार किया जाता है तब भी इस आंदोलन को जारी रखा जाएगा।

 

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दीपक बलियान और पुणे के छात्रों को लेकर क्यों लगाया गया आरोप?

CJP ने 8 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर यह भी कहा है कि दिल्ली में होने वाले प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले पुणे के कुछ छात्रों को रास्ते में रोक लिया गया था। पार्टी ने कहा कि छात्रों को एक बस में बैठाकर किसी अनजान जगह पर ले जाया जा रहा था। CJP के मुताबिक, दीपक बलियान को उनके घर जाकर हिरासत में लिया गया था और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। पुलिस की तरफ से दीपक बलियान और छात्रों से संबंधित पूरी जानकारी मिलना महत्वपूर्ण होगी।

 

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दिल्ली में स्थित शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश क्यों दिया गया?

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को सारी शराब की दुकानें बंद रहेंगी ऐसा सरकारी आदेश में बोला गया है। आदेश के हिसाब से यह फैसला कानून बनाए रखने के लिए किया गया है। दिल्ली में शराब की दुकान बंद रखने की घोषणा CJP प्रदर्शन से पहले की गई थी। SIR को बंद करने के लिए CJP चुनाव आयुक्त द्वारा इस्तीफे की मांग कर रही है।

 

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जंतर मंतर पर होने वाले प्रोटेस्ट को लेकर CJP का क्या बयान है?

दिल्ली में लगी हुई पाबंदियों पर अभिजीत दीपके ने काफी सारे सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह कहा है कि जंतर मंतर देश के हर एक व्यक्ति का है और उन्हें वहां अपनी बात को शांति और महत्वपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन के बाद CJP ने अपने ही आंदोलन को दिल्ली में भी चालू रखने की बात कही है ताकि लोग SIR के विरुद्ध अपनी आवाज उठा पाएं। CJP को उम्मीद है कि BKU के समर्थन से 10 अक्टूबर को दिल्ली में और भी लोगों के शामिल होने से काफी मदद मिल सकती है। CJP की महत्वपूर्ण मांग यह है कि SIR को बंद करना चाहिए और मतदाता सूची से नाम हटाने की वजह जाननी चाहिए और सही तरीके से जांच कर चुनाव आयोग के लिए एक जवाबदेही भी तैयार करनी चाहिए।