दिल्ली पुलिस की हिरासत में CJP नेता अभिजीत दीपके: दादी के निधन की खबर और परिवार के आरोपों पर घमासान

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके की हिरासत को लेकर एक वीडियो जारी किया और पुलिसकर्मियों का यह भी दावा है कि उन्हें उनकी दादी के निधन की खबर भी दी गई थी।

दिल्ली पुलिस की हिरासत में CJP नेता अभिजीत दीपके: दादी के निधन की खबर और परिवार के आरोपों पर घमासान

Updated Oct 12 2026 11:52 AM

Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India

दिल्ली पुलिस ने रविवार 11 अक्टूबर को CJP के नेता अभिजीत दीपके को हिरासत में ली गई हुई वीडियो जारी की और पुलिस का यह भी दावा है कि अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की खबर भी दी गई थी। पर दूसरी ओर अभिजीत दीपके की माता जी ने पुलिस पर यह आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने हिरासत के वक्त उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की खबर नहीं दी थी और CJP ने भी पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर भी उठाए बहुत तरीके के सवाल। अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की खबर दिल्ली पुलिस के अधिकारी नेहा यादव द्वारा दी गई थी। और यह वीडियो दिखा कर नेहा ने यह कहा कि पुलिस ने अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन के बारे में बताया था। और पुलिस का यह भी दावा है कि अभिजीत दीपके को उनके माता-पिता से बात करने का भी मौका दिया गया था पर दूसरी ओर उनसे यह भी पूछा गया था कि उन्हें किस चीज की आवश्यकता है फोन या फ्लाइट। और पुलिस का यह भी कहना है कि दीपके ने खुद ही मदद लेने से साफ इनकार कर दिया था।

पुलिस और अन्य रिपोर्ट्स के हिसाब से यह पता चल रहा है कि अभिजीत दीपके की दादी बहुत लंबे समय से बीमार थीं। और शनिवार को करीब 11:30 बजे उनका निधन हो गया था और पुलिस द्वारा यह भी दावा किया गया है कि उन्हें अंतिम संस्कार की जानकारी दी गई थी।

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CJP के प्रदर्शन को क्यों नहीं मिली अनुमति?

पुलिस के हिसाब से, CJP के पुराने कुछ प्रदर्शनों के नियमों का पालन बहुत सारे लोगों ने नहीं किया था इसीलिए उन्हें अनुमति नहीं दी गई। पुलिस कर्मचारियों द्वारा यह भी दावा किया गया कि पिछले बहुत प्रदर्शनों के समय पत्थरबाजी हुई थी और आग भी लगाने की कोशिश की गई थी। और उस वजह से बहुत सारी सार्वजनिक संपत्तियों को भी काफी नुकसान पहुंचा था।

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पुलिस कर्मचारियों ने यह भी बताया कि दिल्ली के बहुत से इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू हुई थी। पुलिस ने यह बताया कि यह कदम सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था।

 

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क्यों तीन CJP नेताओं को लिया गया था हिरासत में?

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, और सौरव दास को 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन होने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। हिरासत में लेने के बाद तीनों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। रविवार को सुबह उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर एक बॉन्ड साइन कराया गया और उन्हें रिहा कर दिया गया।

तीनों नेताओं की रिहाई को CJP के लिए एक बहुत ही बड़ा कानूनी जीत बताया गया। पर पार्टी का यह कहना है कि रिहाई के साथ-साथ कुछ शर्तें भी रखी गई थीं जो उन्हें माननी पड़ी।

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अभिजीत दीपके की हिरासत की बात को लेकर CJP और पुलिस दोनों अलग-अलग बयान को सामने लेकर आए हैं। पुलिस ने अपनी तरफ से कार्रवाई की वीडियो जारी की और अपना पक्ष रखा और खुद को सही बताया बल्कि परिवार वालों ने पुलिस की कार्रवाई पर बहुत से सवाल उठाए।