पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो पर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल, उन्होंने यह कहा कि फोन मांगने वाला हिस्सा क्यों नहीं दिखाया?

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए हिरासत वीडियो पर सवाल उठाया। उन्होंने यह कहा कि वीडियो से उनके फोन मांगने वाला हिस्सा क्यों हटा दिया गया। और दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया पर उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए वह अपनी आंदोलन को जारी रखेंगे।

पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो पर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल, उन्होंने यह कहा कि फोन मांगने वाला हिस्सा क्यों नहीं दिखाया?

Updated Oct 12 2026 12:24 PM

Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India

दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर अभी भी विवाद जारी है। 11 अक्टूबर रविवार को प्रदर्शनकारियों ने Connaught Palace के पास और आसपास इलाकों में भी विरोध किया पर उस समय पुलिस ने कनॉट प्लेस से करीब 100 लोगों को अपनी हिरासत में ले लिया। और इसी बीच CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के द्वारा जारी किए गए वीडियो पर भी उठाए बहुत तरीके के सवाल।


अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के द्वारा यह कहा है कि दिल्ली पुलिस ने जो वीडियो जारी किया है उन्होंने उसमें से फोन मांगने वाला हिस्सा नहीं दिखाया गया है। और अभिजीत के अनुसार हिरासत के दौरान वह अपनी cousin से बात करना चाह रहे थे लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें उनका फोन नहीं दिया।

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दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में यह दावा किया था कि हिरासत के दौरान अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन के बारे में जानकारी दी गई थी। दीपके ने इस दावे पर भी बहुत तरीके के सवाल उठाए। उन्होंने यह कहा कि पुलिस ने उन्हें फोन देने के मामले में थोड़ा सा भी सहयोग नहीं किया था।


अभिजीत दीपके ने रिहा होने के बाद यह कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए या फिर उन्हें चाहे कितनी बार भी जेल जाना पड़े वह यह आंदोलन को जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह फिर से लोगों के समक्ष जाकर अपनी बात रखेंगे और इस्तीफे की मांग जारी रखेंगे।

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दिल्ली पुलिस की हिरासत में CJP नेता अभिजीत दीपके: दादी के निधन की खबर और परिवार के आरोपों पर घमासान

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रविवार को Connaught Place और Rajiv Metro Station के आसपास पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले लोगों को अपनी हिरासत में ले लिया था। और इसी दौरान बहुत धक्का-मुक्की की खबर भी सामने आ रही है। और प्रदर्शन करने वाले लोगों के अनुसार इस धक्का-मुक्की के दौरान कम से कम दो लोग घायल भी हुए हैं।


विपक्षी दल और कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर कार्रवाई का विरोध किया। 12 अक्टूबर को राहुल गांधी विपक्षी दलों के द्वारा किए गए मार्च में शामिल होंगे ऐसा उन्होंने अपील की है और राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को भारत के संविधान को बचाने की लड़ाई भी बताई है।

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इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस और अभिजीत दीपके के बयानों के बीच काफी अंतर देखने को मिल रहा है। एक तरफ पुलिस का यह कहना है कि वीडियो जारी करके उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि हिरासत के दौरान अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दे दी गई थी वहीं दीपके ने नए वीडियो पर सवाल उठाते हुए यह बोला कि उस वीडियो में पूरी घटना नहीं दिखाई गई है जिसमें से एक घटना उनके फोन मांगने से संबंधित है। उन्होंने यह खास कर बोला कि फोन मांगने और कानून से मदद लेने वाली बातों का जिक्र किया है।


इस वजह से अब यह मामला केवल दादी के निधन की सूचना देने और मिलने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि हिरासत के दौरान उनके साथ पुलिस कर्मचारियों ने जिस तरीके से व्यवहार किया उस पर भी काफी सवाल अब उठते हुए दिख रहे हैं। इस घटना को अच्छी तरीके से समझने के लिए दोनों पक्षों के बयान और सबूत को देखना काफी जरूरी है। वीडियो में क्या दिखाया गया है और क्या नहीं उस पर भी बहुत चर्चा हो रही है और यह भी विवाद का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

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फिलहाल के रिपोर्ट्स के हिसाब से CJP ने अपने इस आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है और उन्होंने यह भी कहा है चाहे कुछ भी हो जाए वह नहीं रुकेंगे। और इसके साथ हिरासत के दौरान क्या हुआ था और पुलिस ने वीडियो में कौन-कौन सी बातें शामिल की हैं और कौन-कौन सी बातों को हटाया है इस चीज को लेकर अभी दोनों पक्षों के बयान लोगों के समक्ष काफी चर्चित हो रहे हैं।


वीडियो पर सवाल उठाते हुए यह बोला कि उस वीडियो में पूरी घटना नहीं दिखाई गई है जिसमें से एक घटना उनके फोन मांगने से संबंधित है। उन्होंने यह खास कर बोला कि फोन मांगने और कानून से मदद लेने वाली बातों का जिक्र किया है। इस वजह से अब यह मामला केवल दादी के निधन की सूचना देने और मिलने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि हिरासत के दौरान उनके साथ पुलिस कर्मचारियों ने जिस तरीके से व्यवहार किया उस पर भी काफी सवाल अब उठते हुए दिख रहे हैं। इस घटना को अच्छी तरीके से समझने के लिए दोनों पक्षों के बयान और सबूत को देखना काफी जरूरी है। वीडियो में क्या दिखाया गया है और क्या नहीं उस पर भी बहुत चर्चा हो रही है और यह भी विवाद का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

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फिलहाल के रिपोर्ट्स के हिसाब से CJP ने अपने इस आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है और उन्होंने यह भी कहा है चाहे कुछ भी हो जाए वह नहीं रुकेंगे। और इसके साथ हिरासत के दौरान क्या हुआ था और पुलिस ने वीडियो में कौन-कौन सी बातें शामिल की हैं और कौन-कौन सी बातों को हटाया है इस चीज को लेकर अभी दोनों पक्षों के बयान लोगों के समक्ष काफी चर्चित हो रहे हैं।