CJP के प्रदर्शन के दिन दिल्ली में क्यों नहीं थे राहुल गांधी? चेन्नई दौरे पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
दिल्ली में चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ CJP के बड़े प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गैर-मौजूदगी और उनके चेन्नई दौरे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जानिए इस पर राहुल गांधी का क्या बयान आया है और विश्लेषक इसे क्या मानकर चल रहे हैं।
Updated Oct 10 2026 11:19 PM
Editor: Panthalassa Team | Location: New Delhi, Delhi, India
10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बहुत बड़ा आंदोलन किया गया। प्रदर्शन के वक्त पुलिस ने बहुत सारी जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी ताकि लोगों को कोई परेशानी ना हो और कुछ लोगों को हिरासत में भी ले लिया और उसी समय यह देखा गया कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी उस वक्त दिल्ली में ना होकर चेन्नई में थे और इस पर लोगों के बहुत सारे सवाल उठने लगे। उनकी गैर मौजूदगी एक तरीके से लोगों के बीच काफी चर्चित विषय बन गया है।
राहुल गांधी उस समय चेन्नई में कर क्या रहे थे?
राहुल गांधी उस वक्त चेन्नई में कांग्रेस के स्टूडेंट्स की गूंज नामक एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। और इससे पहले उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसफ विजय से भी एक खास मुलाकात की। पर यहाँ उनकी गैर मौजूदगी को लेकर बहुत सारे सवाल उठने लगे कि वह प्रदर्शन के दिन ही दिल्ली में क्यों नहीं थे और क्यों चेन्नई चले गए थे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर क्यों दिया अपना बयान? क्या कहा उन्होंने?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट करके प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों का बहुत अच्छे तरीके से समर्थन किया। उन्होंने यह भी कहा कि जवान युवाओं और नेताओं को हिरासत में लेने से उनकी बुलंद आवाज को नहीं रोका जा सकता है और उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं वह इससे पीछे नहीं हटेंगे।
दिल्ली में क्यों किया गया सुरक्षा का इंतजाम?
प्रदर्शन में रुकावट लाने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा का काफी सख्त इंतजाम किया। कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाए गए और बहुत सारे लोगों की जांच की गई। पर इसके बाद भी सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य विरोधी सड़क पर विरोध करने के लिए उतरे।
क्यों उठ रहे हैं राहुल गांधी की गैर मौजूदगी पर बहुत से सवाल?
दिल्ली में इतनी हलचल मचाने के बीच राहुल गांधी का वहां मौजूद नहीं होना काफी चर्चा का विषय बन चुका है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी बहुत सारे लोगों ने सवाल उठाया कि जब इतना बड़ा प्रदर्शन उनके खुद के राज्य में हो रहा था तब वह चेन्नई क्यों गए थे और वहां क्या कर रहे थे।
कैसे हैं कांग्रेस और CJP के आपस के संबंध?
कांग्रेस और CJP ने बहुत सारे मुद्दों पर एक साथ आवाज उठाई है लेकिन दोनों पार्टियों ने अपने-अपने प्रदर्शन को अपने हिसाब से काफी अलग तरीके से भी किए हैं। भले राहुल गांधी प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाए पर उन्होंने बहुत से मामलों पर स्टूडेंट्स के खिलाफ होने वाली पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया था।
क्या है राजनीतिक विश्लेषक का कहना?
राजनीतिक विश्लेषक जाइल्स वर्नियर्स का यह मानना है कि राहुल गांधी का दिल्ली में प्रदर्शन के समय नहीं होना एक बहुत ही सोची समझी राजनीति हो सकती है। और उनके अनुसार यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक पार्टी के बजाय समाज के अलग-अलग लोगों का आंदोलन है।
क्या प्रदर्शन के दिन राहुल गांधी को हिरासत में लिया जा सकता था?
कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि अगर राहुल गांधी दिल्ली में मौजूद होते तो हो सकता है कि उन्हें भी हिरासत में लिया जा सकता था और इससे आंदोलन पर भी काफी गहरा असर पड़ सकता था। पर यह कोई सच मानने वाली बात नहीं है क्योंकि इससे जुड़ी कुछ भी खबर अभी तक सामने नहीं आई है।
क्यों राहुल गांधी ने वीडियो के द्वारा दिया एक संदेश? उन्होंने क्या कहा उस वीडियो में?
राहुल गांधी ने शनिवार की शाम को एक वीडियो के द्वारा अपने संदेश को जारी किया। उस वीडियो में उन्होंने यह कहा कि सरकार चाहे कितनी भी कोशिश करके पुलिस तैनात कर ले या कितने भी लोगों को हिरासत में डाल दे पर इससे वह लोगों की आवाज को नहीं दबा सकते हैं उन्होंने युवाओं को इस विरोध को जारी रखने को कहा और उन्हें अपने इस संदेश के द्वारा हिम्मत दी। राहुल गांधी के राज्य में होने वाले प्रदर्शन के दिन उनकी गैर मौजूदगी और उसी दिन चेन्नई की यात्रा एक काफी चर्चित विषय में बदल रही है। पर उस दिन दिल्ली में उनकी गैर मौजूदगी की कोई असली वजह सामने नहीं आया है जिससे हमें कुछ भी पता चल सके।