औरंगाबाद में स्थित है देश का सबसे पुराना बरगद का पेड़, 500 वर्ष से ज्यादा है इसकी उम्र

Jun 18 2025 06:04 am
Editor: Admin | Location: Madanpur, Aurangabad , Bihar, India
बिहार सरकार के पर्यावरण वन और जल विभाग के तरफ से 32 पेड़ों को चिन्हित किया गया है जिसमें औरंगाबाद के मदनपुर क्षेत्र के उमगा पंचायत में स्थित बरगद का पेड़ को प्राथमिकता दी गई है जिसकी उम्र 500 वर्ष से भी ज्यादा है, इसकी उम्र 500 वर्ष से भी ज्यादा बताने के बाद पूरे बिहार में यह बरगद का पेड़ चर्चा का विषय बना हुआ है.
चयनित की गई पेड़ों में 27 पेड़ों की उम्र 100 साल से भी है अधिक
बिहार के पर्यावरण वन और जल विभाग के तरफ से जिन 32 पेड़ों की चिन्हित की गई है उनमें 27 पेड़ों की उम्र 100 साल से भी अधिक है, चिन्हित 32 पेड़ों को जैव विविधता विरासत वृक्ष घोषित करने के लिए अंतिम चरण में चुना गया है.
जानिए 32 पेड़ चिन्हित कौन-कौन से हैं
बिहार सरकार ने जिन 32 पेड़ों को जैव विविधता विरासत वृक्ष घोषित करने के लिए चयन किया है उसमें छह पीपल के पेड़ तीन प्रकार 12 बरगद, 2 महुआ, 2 नीम, 1 खिरनी, 2 सेमल, 1 गूलर, 1 कल्पवृक्ष तथा कनक चंपा का 1 वृक्ष शामिल है.
- बरगद 12
- महुआ 2
- नीम 2
- खिरनी 1
- सेमल 2
- गूलर 1
- कल्पवृक्ष 1
- कनक चंपा 1
बिहार हेरिटेज ट्री ऐप के जरिए आप भी दे सकते हैं प्राचीन पेड़ों की जानकारी
आप भी अपने इलाके के पुराने वृक्ष की तस्वीर खींचकर विरासत वृक्ष के सूची में शामिल करवा सकते हैं
अगर आपके भी आसपास कोई प्राचीन वृक्ष है तो आप बिहार हेरिटेज ट्री ऐप (Bihar Heritage Trees App) पर जाकर पेड़ की तस्वीर जीपीएस लोकेशन के साथ डालकर अपलोड कर सकते हैं अगर आपके द्वारा बताई गई जानकारी सही होगी और वृक्ष में विशिष्टता पाई गई तो उसे वृक्ष को विरासत वृक्ष की सूची में शामिल कर लिया जाएगा,
औरंगाबाद के मदनपुर क्षेत्र उमगा पंचायत में स्थित बरगद का पेड़ को सबसे प्राचीन पेड़ का दर्जा दिया गया है इसकी वजह से यह बरगद का पेड़ पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है ग्रामीणों का कहना है कि इस पेड़ की पूजा करने के लिए बिहार ही नहीं बल्कि दूसरे राज्य के भी लोग आते हैं.