पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी ने किया था वोट चोरी, अमित शाह ने बताई वोट चोरी की तीन घटनाएं

पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी ने किया था वोट चोरी, अमित शाह ने बताई वोट चोरी की तीन घटनाएं

Dec 11 2025 05:30 am

Editor: Admin | Location: Delhi, India

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दिल्ली के संसद भवन में बुधवार को अमित शाह के भाषण ने राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया, विपक्ष के द्वारा लगातार वोट चोरी के लगाए गए आरोपों पर अमित शाह ने सफाई देते हुए कहा कि बहुत चोरी की शुरुआत 1947 के दौर में ही की थी।

उन्हें इतिहास के आईने में झांकने की जरूरत है, जो विपक्ष आज भारतीय जनता पार्टी को पर चोरी का आरोप लगती है उन्होंने आजादी के तुरंत बाद ही वोट चोरी की शुरुआत कर दी थी।


पहली वोट चोरी: सरदार पटेल के खिलाफ पहली बार वोट चोरी किए थे नेहरू

गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि भारत के आजादी के बाद जब प्रधानमंत्री का चयन रखा गया था तो कांग्रेस के 18 प्रांतीय अध्यक्षों ने सरदार वल्लभभाई पटेल को अपना प्रधानमंत्री चुना था वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू को दो वोट मिले थे।

लेकिन इसके बाद भी पंडित नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बने ‘क्या यह वोट चोरी नहीं थी’?, उन्होंने कहा कि इतिहास को नजर अंदाज करके वर्तमान पर आरोप लगाना राजनीति का ईमानदारी नहीं है।


दूसरी वोट चोरी: इंदिरा गांधी को लेकर वोट चोरी पर साधा निशाना

इंदिरा गांधी को लेकर अमित शाह नेबताया कि 1975 के चुनाव में इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनाव जीती थी, जिसे लेकर राजनारायण ने कोर्ट में चुनौती दी थी उसके बाद हाई कोर्ट इलाहाबाद में उसे चुनाव को अवैध बताया था।

उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने चुनाव को अवैध करार दे दिया था इसके बाद भी इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री बनी यह भी एक वोट चोरी ही है, इसके बाद संसद में कानून बनाया गया था कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई भी मुकदमा नहीं कर सकता है।


तीसरी वोट चोरी: सोनिया गांधी पर लगाए अमित शाह ने वोट चोरी के आरोप

वहीं तीसरी वोट चोरी के बात करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सोनिया गांधी से जुड़े एक विवाद के बारे में बताया, उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के ऊपर अभी भी दिल्ली सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, जिसमें सोनिया गांधी के ऊपर आरोप है कि वह बिना देश के नागरिकता लिए वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवा लिया है।

सोनिया गांधी से अदालत ने इसका जवाब मांगा है और विपक्ष पूरे मामले को चुनाव आयोग से जोड़ रहा है जबकि यह कानूनी प्रक्रिया है, मैं एक तथ्य बता रहा हूं.