Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, सोना ₹1.49 लाख और चांदी ₹2.5 लाख के पार
भारत में सोने और चांदी की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 1 अप्रैल, 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,510 रुपये और चांदी की कीमत 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। जानिए इस बढ़ोतरी का कारण और बिहार की स्थिति।
Apr 01 2026 06:23 am
Editor: Panthalassa Team | Location: India
1 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में सोने और चाँदी की कीमतें एक बार फिर मजबूत हो रही हैं। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू मांग के कारण सोना अब तक के उच्चतम स्तर पर है। विभिन्न शहरों में सोना और चाँदी ऊंचाई के करीब कारोबार कर रहा है। यदि आप आभूषण खरीदने या उसमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले आज के भावों की जांच कर लें।
सोने की कीमतों में आग: ₹1.50 लाख का स्तर छूने को बेताब
1 अप्रैल, 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹149,510 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। वही 22 कैरेट सोने की मौजूदा कीमत ₹13,705 प्रति 10 ग्राम है। ठीक एक साल पहले, 2025 की शुरुआत में, सोने की कीमत लगभग ₹85,000 थी, लेकिन अब यह दोगुनी हो गई है।
आज के प्रमुख भाव
- 24 कैरेट सोना: ₹14,951 प्रति ग्राम (₹1,49,510/10g)
- 22 कैरेट सोना: ₹13,705 प्रति ग्राम (₹1,37,050/10g)
- चांदी (Silver): ₹250 प्रति ग्राम (₹2,50,000/kg)
चांदी ने बनाया नया कीर्तिमान
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी अपनी चमक से सबको चौकने पर मजबूर दिया है। 1 अप्रैल 2026 को चांदी ने 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया। सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की बढ़ती लोकप्रियता और औद्योगिक मांग ने इसे इस स्तर तक पहुंचाया है।
बिहार में क्या है स्थिति?
बिहार के प्रमुख शहरों में भी सोने की अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल रही है। राज्य में 24 कैरेट सोने का औसत भाव 10 ग्राम के लिए ₹1,48,320 है। स्थानीय करों और प्रसंस्करण शुल्कों के कारण बिहार विभिन्न जिलों (पटना, गया, मुजफ्फरपुर) में सोने की कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।
क्यों लगी है कीमतों में यह आग?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में इस अभूतपूर्व वृद्धि का मुख्य कारण वैश्विक अस्थिरता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेल दिया है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के मूल्य में गिरावट से आयातित सोना महंगा हो गया है। वहीं, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने के भंडार में वृद्धि और निवेश की बढ़ती मांग ने कीमतों को सहारा दिया है।
