बिहार के औरंगाबाद में स्थित है भारत का प्राचीन किला देवगढ़, जानिए इसका क्या है इतिहास

Jun 27 2025 06:29 pm
Editor: Admin | Location: Aurangabad , Bihar, India
औरंगाबाद से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवगढ़ किला भारत के प्राचीन राजमहल में से एक है, इस किला का तालुक राजपूत परिवार के सिसोदिया वंश से है, सिसोदिया वंश के अंतिम राजा जगनाथ जी के मरने बाद उनका कोई भी संतान नहीं होने के कारण उनकी छोटी पत्नी ने राजपाठ संभाल था.
राजा जगनाथ जी जी का कोई भी संतान नहीं होने के कारण उन्होंने अपनी बहन से एक बच्चा गोद लिया था उनकी दो बहने थी बड़ी बहन का नाम बड़ी मानी और छोटी बहन का नाम छोटी मनी था।
राजा जगनाथ के मृत्यु के बाद देव राज्य का राजपाठ उनकी छोटी पत्नी ने देश को स्वतंत्र होने तक संभाल था 1947 के बाद देवराज को अटॉर्नी जॉर्नल मुनेश्वर सिंह ने देश में मर्ज करने के लिए हस्ताक्षर किया और उसके बाद देव राज्य भारत देश में विलय हो गया.
देवगढ़ की रानी ने कराया था विद्यालय का निर्माण
देवगढ़ किला के साथ-साथ वहां पर आपको प्राचीन विद्यालय भी मिलेगा जिसके लिए देवगढ़ के रानी ने अपने राज्य की भूमि विद्यालय बनाने के लिए विद्यालय के नाम से दान की थी. विद्यालय की स्थापना सन 1938 में डॉ अश्विनी कुमार चटर्जी के माध्यम से सार्वजनिक सभा रखकर देवगढ़ के राजा स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद सिंह के स्मृति में विद्यालय खोला गया था.
देवगढ़ के रानी ने 7 एकड़ 13 डिसमिल जमीन किया था विद्यालय के नाम से दान
देवगढ़ राज्य के बड़ी रानी विश्वनाथ कुमारी ने 7 जनवरी 1938 को 7 एकड़ 13 डिसमिल जमीन विद्यालय के नाम से रजिस्ट्री करवा दी थी, इस विद्यालय के पहले प्रधानाध्यापक के रूप में कंठी प्रसाद देशांधि को बनाया गया था जब विद्यालय को शुरू किया गया था तो विद्यालय में आठवीं नवमी और दसवीं तक पढ़ाई करवाई जाती थी लेकिन अब इस विद्यालय में प्लस टू की भी शिक्षा आरंभ कर दी गई है.
अगर आप औरंगाबाद में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आप देवगढ़ किला घूमने जरूर जाइये, डी में देवगढ़ किला के साथ-साथ आपको देव सूर्य मंदिर, पातालगंगा मंदिर इत्यादि प्राचीन धरोहर देखने को मिलेंगे।
नोट: यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ली गई है अगर आपको इस जानकारी में कुछ भी कमी लगती है तो आप हमें ईमेल करके बता सकते हैं
Email: panthalassanews@gmail.com